कांवड़ियों के रेले में दिल्ली की दृष्टिबाधित सपना के उत्साह और भोले की भक्ति देखकर हर कोई हैरान है। आंखों की रोशनी नहीं होने के बाद भी सपना ने गंगोत्री से अपनी यात्रा शुरू की है। हरिद्वार से कांवड़ जल लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुई। सपना के सपनों में महादेव आए और उन्हीं की भक्ति में सपना महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करेंगी। सपना के साथ उनके पिता सहारा बनकर चल रहे हैं।
दिल्ली कालकाजी गोविंदपुरी निवासी सपना की उम्र 33 साल है। सपना बचपन से ही एक आंख से देख नहीं पाती थीं। 10 साल पहले दूूसरी आंख की रोशनी भी चली गई। सपना की जिंदगी में अंधेरा छा गया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था अटूट हो गई। सपना के मुताबिक भोलेनाथ उनके सपने में आए थे। उसी दिन उन्होंने प्रण लिया था कि वह सावन में गंगोत्री से यात्रा करेंगी और हरिद्वार से कांवड़ जल लेकर अभिषेक करेंगी।
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कांवड़ लेने निकली सपना
- फोटो : अमर उजाला
सपना के साथ उनके पिता रविंद्र गुप्ता हैं। रविंद्र गुप्ता बताते हैं कि सपना की जिद के आगे वह हार गए।
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कांवड़ लेने निकली सपना
- फोटो : अमर उजाला
वह गंगोत्री से हरिद्वार होकर दिल्ली तक की पैदल कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। वह बताते हैं कि सपना बहुत हिम्मती है। परिवार को उस पर गर्व है।
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कांवड़ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
सपना शादीशुदा है और उनके दो बच्चे हैं। सपना ने बताया कि दुनिया बहुत खूबसूरत है।