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इस पूजा से भरती है निसंतान दंपतियों की सूनी गोद, भगवान शिव का है वरदान

Thu, 13 Oct 2016 01:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, श्रीनगर
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kamleshwar temple - फोटो : file photo
उत्तराखंड के श्रीनगर स्थित कमलेश्वर मंदिर में होने वाली पूजा निसंतान दंपतियों की सूनी गोद भरने के लिए प्रसिद्ध है। वैकुण्ठ चतुर्दशी के दिन इस मंदिर में‌ निसंतान दंपति खड़े ‌दीये की पूजा करते हैं। इस पूजा को करने के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है।
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kamleshwar temple - फोटो : AmarUjala
वैकुण्ठ चतुर्दशी के दिन गोधूलि बेला पर मंहत दीपक प्रज्वलित कर अनुष्ठान का आरंभ करते हैं। मंदिर के ब्राहमणों द्वारा प्रत्येक निसंतान दंपितयों का संकल्प और पूजा कराई जाती है। दूसरे दिन प्रात: शुभ मुर्हत पर भगवान कमलेश्वर का अभिषेक किया जाता है।
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kamleshwar temple - फोटो : file photo
प्रत्येक दंपति अपना दीपक शिव के प्रतिनिधित्व करने वाले मंहत को साक्षी मान शिवार्पण करते हैं। बाद में श्रीफल देकर निसंतान दंपतियों को भोजन कराया जाता है।

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kamleshwar temple - फोटो : file photo
कमलेश्वर मंदिर के महंत आशुतोष पुरी बताते हैं कि कमलेश्वर मंदिर में भगवान विष्णु ने देवासुर संग्राम के दौरान कार्तिक शुक्ला चतुर्दशी के दिन अस्त्र-शस्त्रों के लिए भगवान शंकर की तपस्या की थी।
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kamleshwar temple
तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शंकर ने दूसरे दिन सुबह विष्णु को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस पूजा को पूजा एक निसंतान दंपति भी देख रहे थे। निसंतान दंपति ने भगवार शंकर से संतान का वरदान मांगा।
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kamleshwar temple - फोटो : file photo
माता पार्वती के आग्रह पर भगवान शिव ने उन्हें यह वरदान दिया कि जो भी कार्तिक शुक्ला चतुर्दशी के अवसर पर पूरी रात खड़ा दिया अनुष्ठान करेगा उसे संतान की प्राप्ति होगी।
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kamleshwar temple - फोटो : file photo
उसके बाद से ही यह अनुष्ठान चल रहा है। कहते हैं कि जामवंती के कहने पर श्रीकृष्ण ने भी यहां परखड़े दीपक का व्रत किया था। आगे जानिए कैसे करें पूजा का पंजीकरण...
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kamleshwar temple - फोटो : AmarUjala
कैसे करें पंजीकरण
अनुष्ठान में शामिल होने के लिए निसंतान दंपति फोन से या स्वयं आकर पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण निशुल्क किया जाता है। पूजा से ठीक पहले तक पंजीकरण किया जाता है। पंजीकरण के लिए इस नंबर पर 9412324526 संपर्क किया जा सकता है।
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