जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
ग्रामीणों ने बताया कि शारिक का परिवार बेहद गरीब है। पिता की मौत के बाद परिवार को चलाने के लिए शारिक और उसके भाई आरिफ के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन दोनों भाइयों ने इस चुनौती का बहादुरी से सामना किया और परिवार को चलाने के लिए दिनरात मेहनत करने पर जुट गए। दोनों की मेहनत भी रंग लाई और परिवार खुशहाली की तरफ बढ़ने लगा था, लेकिन इस बीच शारिक की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।