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ग्रेनेड हमला: शारिक को जम्मू ऐसे खींच ले गई मौत, खबर सुनते ही बेसुध हुई मां, दर्दनाक तस्वीरें...

Fri, 08 Mar 2019 05:24 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रुड़की
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
जम्मू बस अड्डे पर ग्रेनेड धमाके में जान गंवाने वाले शारिक को उसकी मौत ऐसे जम्मू खींच ले गई। पिता की मौत के बाद परिवार चलाने के लिए करीब दो साल पूर्व शारिक अपने मामा के पास जम्मू में सिलाई सीखने गया था।
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
करीब डेढ़ महीने पूर्व वह घर आया था और तभी से यहीं था। बुधवार को वह मामा के साथ जम्मू निकला और बृहस्पतिवार को उनके पहुंचते ही वहां धमाका हो गया। शारिक की मौत की खबर सुनकर मां, भाई और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
बृहस्पतिवार को जम्मू बस स्टेशन पर हुए ग्रेनेड धमाके में रुड़की के टोडा कल्याणपुर निवासी मोहम्मद शारिक (17) पुत्र इंतजार की मौत की खबर जैसे ही आई परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मृतक के घर पर जमा हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ साल पहले शारिक के पिता की मौत हो गई थी। 

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मृतक मो. शारिक
परिवार में मां मेहराज, बड़े आरिफ भाई और पांच बहन हैं। पिता की मौत के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी शारिक और बड़े भाई पर आ गई थी। शारिक का बड़ा भाई आसपास मजदूरी करता था जबकि शारिक करीब दो साल पहले टोडा ऐहतमाल निवासी अपने मामा साजिद के पास जम्मू में सिलाई सीखने चला गया। 
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blast - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद पैसे कमाकर परिवार का हाथ बंटाने लगा था। ग्रामीणों ने बताया कि करीब डेढ़ महीने पहले शारिक घर आया था और तभी से यही था। बुधवार को वह मामा साजिद, कलियर के तेलीवाला निवासी गुलफाम पुत्र इकराम और सहारनपुर के गागलहेड़ी के दो युवकों के साथ जम्मू के लिए निकला था। 
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jammu bus stand blast - फोटो : अमर उजाला
शारिक के पैसा कमाने से मां मेहराज काफी खुश थी और उसे बुधवार को खुशी-खुशी जम्मू के लिए रवाना किया था, लेकिन परिवार वालों को जरा भी इल्म नहीं था कि जहां वह दो जून की रोटी कमाने जा रहा है, वहां मौत उसका इंतजार कर रही है। शारिक की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। 
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जम्मू हमले में मारे गए शारिक का परिवार
पिता की मौत के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी शारिक और बड़े भाई आरिफ पर थी। पहले पिता की मौत और अब शारिक की मौत से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। शारिक की मौत के सदमे में मां मेहराज रो-रोकर बेहोश हो रही हैं तो बहनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा गांव शारिक के परिवार को ढांढस बंधाने में लगा है।
 
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