फिल्म अभिनेता इरफान खान अब हमारे बीच नहीं हैं। वे हमेशा से ही देवभूमि की शांत वादियों में सुकून और शांति के पल बिताना चाहते थे। इसके लिए वे उत्तराखंड आना पसंद करते थे।
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- फोटो : अमर उजाला
उन्हें नैनीताल के रामगढ़ क्षेत्र से लगाव था। यही कारण था कि उन्होंने रामगढ़ के हिमालयन हाइट (चाय बागान) में 2012 में कॉटेज खरीदा था। इस कॉटेज से उनकी काफी यादें जुड़ी हैं।
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हिमालयन हाइट निवासी ज्ञानेंद्र उपाध्याय ने बताया कि फिल्म अभिनेता इरफान खान पहली बार 2010 में रामगढ़ क्षेत्र में आए थे। उसके बाद वे 2011 में यहां आए थे। कॉटेज खरीदने के बाद वह अंतिम बार 2014 में इस कॉटेज में रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
उपाध्याय ने बताया कि इरफान को रामगढ़ की शांत वादियों से बेहद लगाव होने के साथ ही फोटोग्राफी का बेहद शौक था। वे जब भी रामगढ़ आते थे तो हिमालय की वादियां देख बेहद खुश नजर आते थे।
वे कहते थे कि देवभूमि को प्रकृति का वरदान मिला है।साथ ही वह लोगों से मिलने के साथ सेल्फी खींचा करते थे। उनके निधन की सूचना से क्षेत्र में उनके प्रशंसकों में शोक की लहर है।