सफेद दूध के काले कारोबार पर अब 'सर्जिकल स्ट्राइक' होने जा रही है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआई) ने इसके लिए देश के 100 शहरों का चयन किया है।
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इन शहरों में दूध की बड़े पैमाने पर सैंपलिंग की जाएगी। माना जा रहा है कि सैंपल रिपोर्ट के आधार पर मिलावटखोरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी जिला अभिहित अधिकारी अनोज थपलियाल ने जानकारी दी।
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- फोटो : getty images
देश के 100 शहरों में देहरादून और हरिद्वार का भी चयन किया गया है। एफ एसएसएआई सैंपल सर्वे के माध्यम से यह जानने की कोशिश में लगा है कि आखिरकार दूध में किस स्तर तक मिलावट की जा रही है और बाजार में कितने प्रतिशत दूध की क्वालिटी खराब है।
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उबलता दूध
सर्वे का मुख्य मकसद बाजार में बेचे जा रहे दूध की शुद्धता को जानना है। अगर सर्वे में भारी मात्रा में मिलावट की बात सामने आती है तो उसके बाद एसएसएसएआई नियमों को कड़ा कर सकती है। दूध में पानी से लेकर डिटर्जेंट तक की मिलावट को लेकर कई बार सुप्रीम कोर्ट कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। हर स्तर पर दूध में किसी न किसी रूप में मिलावट किए जाने के आरोप लगते रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा देश भर में दूध के सैंपल का सर्वे कराया जा रहा है।
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एफ एसएसएआई ने अधिकृत की गई लैबों को दूध की 15 स्तरों पर जांच करने का निर्देश दिया है। इसमें फैट, एसएनपी, रिफाइंड, डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पर ऑक्साइड, फॉर्मलीन, शुगर, यूरिया, स्टार्च, बोरिक एसिड, माल्टोडेक्सट्रिन, अमोनियम सल्फेट, नाइट्रेट, सेल्यूलॉस और ग्लूकोज की जांच की जाएगी। जल्द ही सैंपलिंग शुरू होने जा रही है।
सैपलिंग की इस सर्जिकल स्ट्राइक में न केवल ब्रांडेड दूध बल्कि घर-घर जाकर दूध सप्लाई करने वाले दूधिये के दूध की भी सैंपलिंग की जाएगी। इसके अलावा एजेंसियों के स्तर पर हो रही मिल्क सप्लाई, पशु पालकों की डेरियों और डेयरी शॉप से भी सैंपल भरे जाएंगे।