योग को अंतराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले व योग के महागुरु कहे जाने वाले बाबा रामदेव ने नौ साल की उम्र से ही योग सीखना शुरू कर दिया था। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि उन्होंने किसी शिक्षक से योग नहीं सीखा।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
बता दें कि एक इंटरव्यू में बाबा रामदेव ने बताया था कि उन्होंने योग किताबों से पढ़कर सीखा है। वे योग को पूरी तरह से आत्मसात करना चाहते थे लेकिन उस समय उनके पास योग सीखाने के लिए कोई गुरु नहीं था।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और किताबों में योग क्रियाएं देखीं। इसके बाद उन्होंने कुछ दिन तक उन क्रियाओं का अभ्यास किया। एक समय आया जब उनके पास किताबे तक खरदीने के लिए पैसे तक नहीं थे।
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
तब वे एक एक साधु के पास पहुंचे। वहां उनके पास कुछ पुरानी किताबें थी। उन्होंने साधु से किताबें मांगी और उन्हें पढ़ा। किताबे पढ़ते-पढ़ते उन्होंने हर दिन अभ्यास किया। इसी तरह से उन्होंने अपने जीवन में ही उतार लिया और दुनिया को भी योग सिखाने की ठान ली।
लगभग 23 साल पहले स्वामी रामदेव ने संन्यास धारण किया था। लेकिन 15 से 20 साल पहले तक उन्हें शायद ही कोई जानता हो। बाबा के कई जगह छोटे-छोटे कैंप लगते थे। फिर उन्होंने 2006 में पतंजलि की स्थापना की और योग को देश और दुनिया के फलक पर चमकाया।