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International Tiger Day: 20 बार प्रयास के बाद शिकार को पकड़ पाता है बाघ, शोध में सामने आईं रोचक बातें

Fri, 29 Jul 2022 02:07 PM IST
अलका त्यागी अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
वन्यजीव विज्ञानियों की ओर से अभी तक हुए शोध में यह बात सामने आई है कि एक वयस्क बाघ शिकार को पकड़ने के लिए कम से कम 20 बार प्रयास करता है। तब जाकर उसे शिकार करने में सफलता मिलती है। वन्यजीव विज्ञानियों के मुताबिक, जागने की स्थिति में अमूमन बाघ अपने शिकार को लेकर प्रयासरत रहते हैं और पूरे जीवनभर बाघ अपना अधिकतर समय शिकार करने में गुजारते हैं।

वहीं, सामने आया कि एक वयस्क बाघ औसतन एक बार में 40 किलो मांस खाता है। एक अन्य शोध के मुताबिक, बाघ अपने शरीर के वजन के चार से सात फीसदी ज्यादा वजन के बराबर मांस खाता है। पता चला है कि बाघ साल भर में औसतन 50 हिरणों के आकार के जानवरों को अपना शिकार बनाता है। एक बार शिकार करने और मांस का सेवन करने के बाद कई दिनों तक उपवास भी करता है।

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एक वयस्क बाघ प्यास बुझाने के लिए एक दिन में औसतन 20 गैलन के करीब पानी पीता है। हालांकि, अलग-अलग देशों में जलवायु के हिसाब से पीने के पानी की मात्रा घट बढ़ सकती है।

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वहीं, भारत में बाघों का पसंदीदा भोजन वैसे तो चीतल, सांभर, हिरण, जंगली सूअर आदि हैं, लेकिन अब राजाजी टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञों की ओर से इस बात का अध्ययन किया जा रहा कि आखिरकार राजाजी टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले बाघों के लिए सबसे पसंदीदा भोजन कौन सा वन्यजीव है।
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बाघ - फोटो : फाइल फोटो
टाइगर रिजर्व निदेशक की पहल पर विशेषज्ञों की टीम अध्ययन में जुट गई है। बाघों के पसंदीदा भोजन के अध्ययन को लेकर भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक मदद कर रहे हैं। इसके लिए टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से चीला रेंज में अत्याधुनिक लैब भी स्थापित की गई है। जहां फीकल सैंपल से विशेषज्ञों की टीम पता लगाएगी कि आखिरकार टाइगर रिजर्व के बाघ किन वन्यजीवों का शिकार सबसे अधिक कर रहे हैं।
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बाघ
राजाजी टाइगर रिजर्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो पिछले साल 2018 में कराई गई गणना में बाघों की संख्या 42 पाई गई थी। बाघों की संख्या बढ़ाई जा सके, इसके लिए नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के निर्देश पर जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से तीन बाघों को टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया।

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कॉर्बेट पार्क में बाघ - फोटो : राशि
दो बाघों को अभी टाइगर रिजर्व में लाया जाना है, लेकिन इन चार सालों में टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 45 से कहीं अधिक है। रिजर्व में बाघों की वास्तविक संख्या कितनी है, इसका आकलन किया जा रहा और रिपोर्ट आना बाकी है। टाइगर रिजर्व के अफसरों को इस बात की पूरी उम्मीद है कि टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।
 
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बाघ - फोटो : फाइल फोटो
राजाजी टाइगर रिजर्व के बाघ फिलहाल सांभर, हिरण, जंगली सुअर समेत किन वन्यजीवों का ज्यादा शिकार कर रहे, इसका अध्ययन किया जा रहा है। अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से इस बात की जानकारियां जुटाई जा रही हैं। अध्ययन में भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिकों की भी मदद ली जा रही है।
- डॉ. साकेत बडोला, निदेशक, राजाजी टाइगर रिजर्व
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