टैलेंट और मेहनत रुपयों की मोहताज नहीं होते। जी हां, ठेली पर सब्जी बेचकर गुजारा करने वाले फिदा हुसैन के बेटे जीशान पर देश के तमात फुटबॉलर क्लबों की नजर है।
विज्ञापन
2 of 6
zeesshan
उत्तराखंड में रामनगर के युवा फुटबॉलर जीशान अंसारी पर देश के प्रोफेशनल क्लबों की नजर है। बंगलुरू एफसी के बाद अब इंडियन सुपर लीग की टीम दिल्ली डायनामोस ने भी जीशान को अपने साथ जोड़ने की कवायद की है।
विज्ञापन
3 of 6
zeeshan father
खताड़ी मोहल्ले के जीशान अंसारी के पिता फिदा हुसैन ठेली पर सब्जी बेचते हैं। मगर उनका पहला शौक फुटबॉल था, लेकिन पारिवारिक जिम्मेदारी के कारण जीशान के पिता स्थानीय स्तर से आगे नहीं बढ़ सके।
4 of 6
football
जीशान ने बताया कि अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए करीब सात साल की उम्र में पहली बार फुटबॉल खेलना शुरू किया। शुरुआत में अपने मोहल्ले के लिए कोच से फुटबॉल सीखा और उसके बाद हल्द्वानी हॉस्टल के लिए ट्रायल दिया। वर्तमान समय में हल्द्वानी हॉस्टल में फुटबॉल कोच सुनील कुमार से वह खेल का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
विज्ञापन
5 of 6
- फोटो : अमर उजाला
सुनील कुमार ने बताया कि दिल्ली डायनामोस की टीम ने भी जीशान से संपर्क किया है। जीशान मिडफील्डर हैं, लेकिन वह किसी भी पोजीशन में खेल सकते हैं। 28 मई को दिल्ली में जीशान का ट्रायल होना है।
बताया कि जीशान महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में 12वीं के छात्र हैं। अभी तक जीशान 2 फेडरेशन और 3 स्कूल नेशनल टूर्नामेंट खेल चुके हैं। इससे पहले बंगलुरू एफसी भी जीशान को अपने साथ जोड़ने के लिए संपर्क कर चुकी है।