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पाकिस्तानी सीमा से लापता हुआ भारतीय जवान, परिवार के आंसुओं में छलक रहा गम और डर 

Sun, 12 Jan 2020 06:12 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
मां पापा कब आएंगे...बच्चों के इस सवाल पर हवलदार राजेंद्र सिंह की पत्नी राजेश्वरी देवी की आंखों से बस आंसु छलक पड़ते हैं। इन आंसुओं में पति की चिंता भी है तो उनके साथ किसी अनहोनी का डर भी। मां के आंसुओं को देखकर बच्चे भी किसी अनहोनी की आशंका में सुबकने लगते हैं। आठ जनवरी को आई सूचना के बाद परिवार का हर पल गम और डर के साये में कट रहा है। 
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- फोटो : अमर उजाला
अंबीवाला निवासी हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी ने तीन साल पहले ही देहरादून के अंबीवाला स्थित सैनिक कालोनी में मकान बनाया था। यहां उनकी पत्नी राजेश्वरी देवी के अलावा बड़ी बेटी 14 वर्षीय अंजली, 12 वर्षीय बेटा प्रियांशु और 10 वर्षीय बेटी मीनाक्षी रहते हैं। राजेंद्र सिंह छुट्टी के बाद नवंबर में ही ड्यूटी पर लौटे थे। कुछ दिन पहले भी पापा का फोन आया था तो बच्चों ने उनसे बात की थी। 
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- फोटो : अमर उजाला
आठ जनवरी के बाद से उनका फोन नहीं आया। तब से परिवार का हर पल किसी अच्छी सूचना के इंतजार में बेचैनी से कट रहा है। परिवार को संभलने के लिए राजेंद्र के पिता रतन सिंह नेगी, भाई कुंदर सिंह, अवतार सिंह, विनोद सिंह भी चमोली से दून आ गए हैं। सभी हर पल एक ही दुआ मांग रहे हैं, काश फोन की घंटी बजे और उधर से खुशखबरी आए कि हमारा राजेंद्र सलामत है। 

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- फोटो : अमर उजाला
हवलदार राजेंद्र के कमरे में रखा बक्सा पल-पल उनकी याद दिला रहा है। यह सेना का बक्सा है जो कि काले रंग है और इस पर सफेद स्याही से राजेंद्र का नाम लिखा हुआ है। बच्चे बार-बार प्यार से इस पर हाथ फेरते हैं। फिर सुबकने लगते हैं। वे बार-बार यही कहते हैं कि पापा जल्दी आ जाओ। हमें डर लग रहा है। 
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- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को हवलदार राजेंद्र सिंह के निवास पर क्षेत्रीय नेता संजय नेगी के अलावा पीबीओआर पूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी शमशेर सिंह बिष्ट, कैप्टन आरडी शाही (सेनि.), सूबेदार मेजर प्रेम सिंह रावत, महिला संगठन की अध्यक्ष राजकुमारी थापा, सचिव माधुरी, सीमा क्षेत्री, बीना बिष्ट भी परिवार की हिम्मत बढ़ाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि हमारी सेना निश्चित तौर पर हवलदार राजेंद्र को वापस लाएगी।
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