इसके बाद दूसरे चरण में मार्क-2 तकनीक तकनीक अपनाई जाएगी। मार्क-2 विकसित होने के बाद भारतीय सेना रात को छह किलोमीटर तक दुश्मन के टैंकों को भेद सकेगी। एक अखबार में छपी खबर के मुताबिक, ओएलएफ अधिकारियों का कहना है कि, टी-72 टैंक में मार्क वन श्रेणी का कमांडर्स थर्मल इमेजर लगाया गया है।