फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अगर है पैसों की तंगी तो इस गांव में आएं, हो जाएंगे मालामाल

Sun, 14 May 2017 05:49 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 7
आजकल पैसों की जरूरत हर क‌िसी को है। ऐसे में अगर आपको पैसों की तंगी है तो भारत का एक ऐसा गांव है जहां जाने से पैसों की तंगी दूर हो जाती है। तो चल‌िए हम आपको बताते है इस गांव के बारे में।
विज्ञापन

2 of 7
हम यहां बात कर रहे हैं भारत के आख‌िरी गांव माणा की। भारत का यह आखिरी गांव आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए चमत्कार से कम नहीं है। उत्तराखंड के चमोली जिले में स्‍थ‌ि‌त‌ यह गांव बद्रीनाथ से करीब 3 क‌िलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 
विज्ञापन

3 of 7
माना जाता है कि आर्थिक तंगी से परेशान जो भी लोग यहां आते हैं भोलेनाथ की कृपा से उनकी स्थिति बेहतर हो जाती है। इस गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर रखा गया है। 

4 of 7
कहा जाता है कि यह गांव श्राप मुक्त है और यहां आने वाले व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिल जाती है। यह गांव समुद्र तल से करीब 3 हजार फुट ऊंचाई पर बसा हुआ है।
विज्ञापन

5 of 7
यहां कई ऐ‌त‌िहास‌िक स्थान है। गांव में जाते ही सबसे पहले गणेश गुफा नजर आती है। कहा जाता है कि जब गणेश जी वेदों की रचना कर रहे थे तो सरस्वती नदी अपने पूरे वेग में बहने के कारण शोर कर रही थी। 
विज्ञापन

6 of 7
जिसके कारण गणेश जी ने उनसे कहा था कि वे कम शोर करें क्योंकि उनके कार्य में बाधा पड़ रही है। लेकिन सरस्वती नदी ने उनकी बात नहीं मानी। उनकी बात से नाराज होकर गणेश जी ने उन्हें श्राप दिया कि इससे आगे वह किसी को भी नहीं दिखाई देगी। जिसके कारण सरस्वती नदी कुछ दूरी पर जाकर अलकनंदा में मिल जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सरस्वती नदी के ऊपर भीम पुल है। इस विषय में कहा जाता है कि जब पांडव स्वर्ग में जा रहे तो सरस्वती नदी से किनारा मांगा परंतु उन्होंने नहीं दिया। जिस पर भीम ने दो बड़ी शिलाएं उठाकर नदी के ऊपर रख दी थी। जिससे इस पुल का निर्माण हुआ। जिसके कारण इसका नाम भीम पुल पड़ा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें