bhagat singh
कोर्ट ट्रायल की इस प्रति में मुकदमा शुरू होने से आरोप तय होने तक की पूरी कार्यवाही 1659 पृष्ठों पर दर्ज है। गौरतलब है कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव सहित 18 लोगों पर पांच मई 1930 को लाहौर कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ था। 11 सितंबर 1930 को कोर्ट ने इन पर आरोप तय कर दिए। संग्रहालय के अधिकरियों द्वारा बताया कि भगत सिंह को फांसी की सजा सुनाए जाने वाला कोर्ट ट्रायल का हिस्सा गुरुकुल को नहीं दिया गया है।