नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के दौरान बैंक खातों की जांच-पड़ताल में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिसके बाद हजारों लोगों की नींद उड़न छू हो जाएगी।
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करोड़ो रुपए का आया चंदा
उत्तराखंड के 3,255 खातों में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक रकम जमा हुई है। इनमें से 50 प्रतिशत खाते ऐसे हैं, जिनकी आईटीआर का या तो अता-पता नहीं है या फिर आईटीआर से यह रकम मेल नहीं खा रही है। अब इन लोगों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। अगर उन्होंने जवाब नहीं दिया तो आयकर अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
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money
आठ नवंबर 2016 की रात देश में नोटबंदी हुई। इसके बाद तमाम लोगों ने घर में रखा पैसा खपाने का प्रयास किया। उत्तराखंड में खातों की जांच हुई तो पता चला कि 3,255 लोगों ने अपने खातों में मोटी रकम जमा कराई है। इनमें 414 लोग तो ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खातों में नोटबंदी के दौरान एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा कराई है।
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रुपया
600 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने खातों में 50 लाख रुपये या इससे अधिक रकम जमा कराई है। बाकी 2241 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने नोटबंदी के दौरान अपने खातों में 2.5 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक की रकम जमा कराई है। अकेले 414 लोगों ने ही करीब 500 करोड़ रुपये नोटबंदी के दौरान अपने खाते में जमा कराए हैं। आयकर विभाग अब इनकी जांच पड़ताल में जुट गया है।
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income tax department
प्रथमदृष्टया 50 प्रतिशत खाते ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनमें जमा हुई रकम या तो आईटीआर से मेल नहीं खा रही है या उन्होंने आयकर विवरणी भरी ही नहीं है।
मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि इन लोगों को नोटिस भेजा जा रहा है। उन्होंने पैसे का हिसाब नहीं दिया तो सर्वे या सर्च की कार्रवाई भी की जा सकती है। वहीं, पहाड़ में भी नोटबंदी के दौरान काफी लोगों ने ढाई लाख से अधिक जमा कराए हैं। इनकी संख्या दस प्रतिशत यानी करीब 320 है। आयकर विभाग इन खातों की जांच में जुटा है।