आयकर विभाग ने अब टैक्स को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है। इसके बाद अब आपकी खैर नहीं है। पढ़िए...
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अगर आपके पास अवैध कैश होगा या आपने रुपयों के लेन-देन में गड़बड़ी की तो आयकर विभाग का कैस यानी कंप्यूटर असिस्टेड स्क्रूटनी सेलेक्शन आपको तुरंत पकड़ लेगा। जी हां, इनकम टैक्स विभाग इस बार सभी रिटर्न की जांच इस खास आधुनिक सॉफ्टवेयर से कर रहा है।
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अब तक देशभर में इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से हजारों टैक्स चोर पकड़ में आ चुके हैं। आयकर विभाग इस साल जमा हुई सभी इनकम टैक्स रिटर्न(आईटीआर) की कैस से जांच शुरू कर दी है।
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जिन लोगों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट की मदद से कैश के लेन-देन को होशियारी दिखाकर आईटीआर में शो किया है, आयकर विभाग का यह खास सॉफ्टवेयर उसे आसानी से पकड़ रहा है।
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देहरादून के मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि कैस से कई मामले पकड़े जा चुके हैं। कई ऐसे भी टैक्स चोर सामने आए हैं, जो हर साल मैन्यूअल असेसमेंट में पकड़ में नहीं आ रहे थे लेकिन अब कैस आने से उन्हें पकड़ना आसान हो गया है।
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- फोटो : money loss
उत्तराखंड का आयकर विभाग बीते दो माह में आठ सर्वे में 15.21 करोड़ रुपये और छह रिकवरी सर्वे में 12.5 लाख रुपये वसूल कर चुका है। उत्तराखंड के सिविल सर्विस ऑफिसर्स क्लब में कैस ने ही टैक्स चोरी पकड़ी है।
कैस एक असेसमेंट का आधुनिक सॉफ्टवेयर है। अब आयकर विभाग सभी आईटीआर की जांच इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कर रहा है। आयकर अधिनियम के तहत तैयार यह सॉफ्टवेयर जरा सी चूक भी आसानी से पकड़ सकता है।