अच्छे प्रदर्शन के बल पर भारतीय टी20 क्रिकेट टीम में जगह बनाने वाले रिषभ पंत को ने हाल में रणजी क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज शतक जमाने का कारनामा अंजाम दिया।
Trending Videos
विज्ञापन
2 of 8
ऋषभ पन्त
इस युवा बल्लेबाज ने अंडर-19 विश्व कप के दौरान सुर्खियां बटोरी। इसके बाद दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम में पंत को जगह मिली तो 2016 में उन्होंने अपना पहला रणजी सीजन खेला। 2017 पंत के लिए अच्छे दिन लेकर आया और वह भारतीय टीम में जगह बनाने में कामयाब रहे।
विज्ञापन
3 of 8
ऋषभ पन्त
मगर अपने अच्छे दिनों से पहले पंत ने काफी बुरे दिन भी देखें हैं। एक दौर था जब पंत को गुरूद्वारे में रात गुजारनी पड़ती थी और वहीं लंगर का खाना खाकर वह क्रिकेट की प्रेक्टिस करने जाया करते थे। भारतीय टीम तक पहुंचने तक के सफर से पहले पंत ने बहुत कुछ सहा और कड़ी मेहनत की। इसके बाद जाकर वह आज इस मुकाम पर पहुंचे हैं।
4 of 8
ऋषभ पंत
दिल्ली के मशहूर क्रिकेट क्लब सोनेट में ही पंत ने क्रिकेट की बारिकियां सीखी। कई इंटरनेशनल खिलाड़ी देने वाले इस क्लब के कोच तारक सिन्हा बताते हैं कि हम एक टैलेंट हंट कराते थे जिसके बारे में पंत ने सुना था।
विज्ञापन
5 of 8
ऋषभ पंत
- फोटो : ESPN
वह रूड़की से दिल्ली सिर्फ इस टैलेंट हंट में भाग लेने चला आया। दिल्ली शहर में उसकी जान पहचान का कोई नहीं था। इसलिए वह मोतीबाग गुरूद्वारे में रूकता था वहीं लंगर खाकर प्रेक्टिस के लिए आता जाता था।
विज्ञापन
6 of 8
ऋषभ पंत
सोनेट क्लब में सेलेक्ट होने के बाद पंत कुछ दिनों तक गुरूद्वारे से ही आना जाना करता था। कई महीनों तक ऐसा चला धीरे-धीरे पंत ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अपना नाम बना लिया।
विज्ञापन
7 of 8
rishabh pant
इसके बाद उसने किराये पर कमरा लिया और फिर बाकि की कहानी सभी को पता है। तारक सिन्हा बताते हैं कि इस लड़के में कमाल की प्रतिभा थी साथ ही वह उतना ही मेहनती भी था।
बल्लेबाजी उसका मजबूत पक्ष था लेकिन विकेटकीपिंग में भी उसका कोई जवाब नहीं था। सोनेट क्लब से निकल कर पंत को भारत के महान बल्लेबाज राहुल द्रविड़ की कोचिंग में अंडर-19 खेलने का मौका मिला। द्रविड़ ने इस बल्लेबाज के खेल को तराशा और फिर पंत अपनी मेहनत के बल पर नई ऊंचाईयों तक पहुंचे।