केदारनाथ की आपदा का अब नया सबक भी सामने आया है। यह सबक है मल्टीपल हैजार्ड से निपटने का। उत्तराखंड भूकंप के लिहाज से जोन पांच और चार में स्थित है। ऐसे में किसी बड़े भूकंप से कभी इनकार नहीं किया जा सकता। दूसरी ओर, मौसम में बदलाव के कारण अतिवृष्टि, हिमालय में नई झीलों का बनना और टूटना, भूस्खलन जैसी घटनाओं में इजाफा हो रहा है। ऐसे में दो घटनाओं के एक साथ घटित होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है।