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उत्तराखंड: भैलो खेलकर उत्साह के साथ मनाया गया ईगास, तस्वीरों में देखें बूढ़ी दीपावली की रौनक...

Wed, 25 Nov 2020 11:05 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड की लोक संस्कृति को संजोए पर्वतीय क्षेत्रों में मनाए जाने वाली ईगास की शहरों से लेकर गांवों तक धूम रही। ईगास यानी बूढ़ी दीपावली पर्वतीय क्षेत्रों में दिवाली के 11वें दिन मनाई जाती है। 
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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
आम से लेकर खास उत्तराखंडी ने यह त्योहार उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर लोगों ने अपने घरों में दीपक जलाए और पकवान भी बनाए। साथ ही भैलो खेलकर पहाड़ी गीतों पर डांस भी किया।
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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
ईगास को लेकर राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी की मुहिम का असर बुधवार को प्रदेश में चारों तरफ दिखाई दिया। सांसद बलूनी ने अपने दिल्ली स्थित आवास पर यह पर्व मनाया। उन्होंने घर में रंगोली बनाकर दीपक जलाए।

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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
सांसद अजय भट्ट ईगास पर अपने पैतृक गांव गए तो राज्यमंत्री रेखा आर्य भी इस विशिष्ट उत्सव में शामिल हुईं। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने भी भैलो खेला। भाजपा के पौड़ी विधायक मुकेश कोली ने राज्य सभा सांसद अनिल बलूनी के गांव जाकर यह पर्व मनाया। 
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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी ट्विटर पर संदेश डालकर प्रदेशवासियों को ईगास की शुभकामनाएं दीं। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी प्रदेशवासियों को ईगास पर्व पर बधाई दी। 
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उत्तराखंड में ईगास - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि ईगास पर्व पर भैलो खेलने की परंपरा है। भैलो को अंधेरे में उजाले का प्रतीक माना जाता है। तिल, बंगजीरे, हिंसर और चीड़ की सूखी लकड़ी के गठ्ठर से बने भैलो को जलाया जाता है, और रस्सी के सहारे इसे चारों तरफ घुमाते हैं। कई नृतक भैलो के साथ करतब भी दिखाते हैं। भैलो के साथ नृत्य किए बिना ये पर्व अधूरा माना जाता है। 
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