उत्तराखंड में ईगास
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बता दें कि ईगास पर्व पर भैलो खेलने की परंपरा है। भैलो को अंधेरे में उजाले का प्रतीक माना जाता है। तिल, बंगजीरे, हिंसर और चीड़ की सूखी लकड़ी के गठ्ठर से बने भैलो को जलाया जाता है, और रस्सी के सहारे इसे चारों तरफ घुमाते हैं। कई नृतक भैलो के साथ करतब भी दिखाते हैं। भैलो के साथ नृत्य किए बिना ये पर्व अधूरा माना जाता है।