एटीएम कार्ड का डाटा चुराकर, खातों में सेंध लगाने के अब तक के सबसे बड़े मामले में साइबर क्रिमिनल्स ने अलग-अलग बैंकों के दर्जनों खाताधारकों के लाखों रुपयों पर हाथ साफ कर दिया।
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पुलिस
- फोटो : file photo
शनिवार रात तक 27 एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी थीं, जिनमें करीब नौ लाख रुपए उड़ाए गए हैं। अलग-अलग थानों में शिकायत आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
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आपके एटीएम कार्ड का क्लोन बन सकता है। आपकी पूरी जानकारी भी ठगों के पास आसानी से जा सकती है। ऐसे में आपके खाते से ठग आसानी से पैसा निकाल सकते हैं। ऐसे मामलों से बचने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
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अक्सर आप एटीएम से पैसे निकालने जाते हैं। आपके सामने नजर आ रही सामान्य सी दिखने वाली एटीएम मशीन धोखाधड़ी के उपकरणों से लैस हो सकती है। एटीएम मशीन में कार्ड एंटर करने वाली जगह पर साइबर क्रिमिनल एक पोर्टेबल स्कैनर फिक्स कर देते हैं। यह स्कैनर एटीएम मशीन के जैसा ही होता है इसलिए पता ही नहीं चलता कि कार्ड एंटर करने वाली जगह पर कोई स्कैनर लगा है। इसलिए ध्यान रखें कि कार्ड एंटर वाली जगह पर अगर लाइट जल रही है तो सब ठीक है । मामला गड़बड़ है तो एलईडी लाइट बंद रहेगी। समझो वहां स्कैनर लगा हुआ है। ऐसे में कतई ट्रांजेक्शन न करें।
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card swap
जब आप कार्ड एंटर करते हैं तो आपके एटीएम कार्ड को मशीन में पहले से लगा स्कैनर स्कैन कर लेता है यानि वह इमेज उस एडिशनल ट्रैपिंग डिवाइस में सेव हो जाती है, जिसका इस्तेमाल बाद में आपका पैसा निकालने के लिए किया जाता है। मशीन में कार्ड डालने के बाद आपके एटीएम पिन का पता लगाने की बारी आती है और इसके लिए क्रिमिनल एटीएम मशीन के की बोर्ड के एकदम ऊपर एक कैमरा फिट कर देते हैं जो बैटरी से संचालित होता है। आपने शायद कभी गौर भी नहीं किया होगा और पैसा निकालते समय आपको लगता होगा कि आप अकेले हैं। लेकिन ऐसा कैमरा आपके एटीएम पिन की तस्वीर कैप्चर कर लेता है।
रैन्समवेयर के भय से एटीएम पर घटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
इस ट्रिक से क्रिमिनल के पास आपका एटीएम कार्ड नंबर और पिन समेत सारा डाटा पहुंच जाता है और वह जब चाहें आपके अकाउंट से पैसा निकाल कर आपको लाखों और करोड़ों का चूना आसानी से लगा सकते हैं। एटीएम कार्ड क्लोनिंग करने वाले एटीएम के सेंटर में खुफिया कैमरा, मोबाइल या वेबकैम लगाते हैं। ग्राहक द्वारा पैसा निकालने के दौरान पिन कोड टाइप करने की रिकार्डिंग कर ली जाती है। उसके बाद पैसा निकाल लिया जाता है। कुछ मामलों में यह पाया गया है कि ऐसे गिरोह एटीएम मशीन सेंटर की छत और दीवार पर एक खुफि या कैमरा लगाते हैं।