फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

Sun, 15 Nov 2015 01:38 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 9
अगर आप हरिद्वार आ रहे हैं तो इन पवित्र घाटों पर स्नान करना न भूलें। इन घाटों पर रोजाना हजारों श्रद्घालु स्नान और गंगा पूजन करते हैं। मान्यता है कि इन प्रमुख घाटों पर स्नान-ध्यान करने से सारे पाप धुल जाते हैं। हिंदू शास्त्रों के मुताबिक हरिद्वार उत्तराखंड के आध्यात्मिक स्थानों में शुमार एक पवित्र स्थान है।
Trending Videos
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

2 of 9
मान्यता है कि भगवान और राक्षसों के युद्घ के समय अमृत की कुछ बूंद भारत में चार जगहों पर गिरी थी। इन जगहों को हरिद्वार, इलाहाबाद, नासिक और उज्जैन के रूप में जाना जाता है। तब से हिंदू धर्म के लोगों का मानना है कि कुभं मेले के 42 दिनों के दौरान इन जगहों पर गंगा अमृ‌त बन जाती है।
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

3 of 9
तीर्थनगरी हरिद्वार शिवालिक रेंज की पहाड़ियों पर स्थित है और इस 'भगवानों का द्वार' भी कहा जाता है। प्राचीन समय में हरिद्वार को गंगाद्वार, तपोवन और मायापुरी के नाम से जाना जाता था।

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

4 of 9
हरिद्वार का कुशवार्ता घाट मराठा रानी अहिल्याबाई द्वारा बनवाया गया था। यहां दिवंगत आत्माओं का श्राद्धा संस्कार किया जाता है। एक किंवदंति है कि यह घाट दत्तात्रेय से संबंधित है जो एक महान संत थे। वह अक्सर इस घाट पर ध्यान करते थे। यह भी माना जाता है कि एक हजार साल तक दत्तात्रेय ने इस घाट पर एक पैर पर खड़े होकर तपस्या की थी।
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

5 of 9
हरिद्वार का यह घाट हर वक्त श्रद्घालुओं की भीड़ से भरा रहता है। इस घाट का नाम विष्‍णु भगवान ने नाम पर रखा गया है। माना जाता है कि इस घाट पर भगवान विष्‍णु ने स्नान किया था। ‌इसलिए यहां स्नान करने से सारे पाप धुल जाते हैं।
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

6 of 9
गौ घाट सुभाष घाट के पास मौजूद है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसान कामधुने के नाम पर इस घाट का नाम रखा गया है। इसलिए इस घाट पर स्नान करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इंदिरा गांधी, पं. जवाहर लाल नेहरू और महात्मा गांधी की अस्थियां इसी घाट पर विसर्जित की गई थीं।
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

7 of 9
हरकी पौड़ी घाट ‌राजा विक्रमादित्य द्वारा अपने भाई भ्रीथरी की याद में बनवाया गया था। मान्यता है कि विक्रमादित्य के भाई ने तपस्या की थी। हरकी पौड़ी ब्रह्मकुंड के नाम से भी जाना जाता है। रोज शाम महा आरती के दौरान यहां का दृश्य देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। यहां स्नान करना बेहद पुण्यकारी माना जाता है।

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

8 of 9
सुभाष घाट हरकी पौड़ी के पास स्थित है। यहां नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक मूर्ति लगाई गई है। यहां एक स्वैच्छिक सेवा समिति है जो श्रद्घालुओं को मुफ्त में चिकित्सा सेवा देती है।
विज्ञापन

देखिए, हरिद्वार के इन पवित्र घाटों पर 'अमृत' बन जाती है गंगा

9 of 9
जैसा की नाम से विदित है कि अस्थि पर्वथा घाट पर अस्थियों का विसर्जन किया जाता है। यह घाट हरिद्वार का बेहद प्रमुख घाट है। पर्यटक और श्रद्घालु यहां आकर पवित्र गंगा में स्नान करते हैं। माना जाता है कि यहां सागर के छह करोड़ बेटों ने गंगा के जल में मुक्ति प्राप्त की थी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें