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यह है होलिका दहन का सही समय, पर दहन से पहले और 5 दिन बाद भूल से भी न करें यह काम

Thu, 01 Mar 2018 07:55 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,हरिद्वार
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होलिका दहन - फोटो : demo pic
आठ दिनों के होलाष्टक 23 फरवरी को लगेंगे। होलिका दहन के दिन ये होलाष्टक समाप्त हो जाएंगे। होलाष्टकों के दिनों में ही नहीं उनसे पांच दिन पहले और पांच दिन बाद यह काम भूल से भी न करें।
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होलिका दहन - फोटो : demo pic
इस बार एक मार्च को होलिका दहन रात 7.42 के बाद हो जाएगा। ज्योतिषाचार्यों ने दहन का यही समय तय किया है।
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होलीका दहन - फोटो : demo pic
होलाष्टकों के दिनों में ही नहीं उनसे पांच दिन पहले और पांच दिन बाद  कोई मांगलिक कार्य नही होता। इन दिनों होली की धमक प्रारंभ हो चुकी है। बच्चे अभी पानी के गुब्बारे फेंकने लगे हैं।  माना जाता है कि होलाष्टकों का प्रभाव लगने से और समाप्त होने से पांच दिनों के अंतराल में बना रहता है।

 

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पूर्णिमा
होलाष्टकों में किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य धार्मिक दृष्टि से निषिद्ध माना गया है। इस बार पूर्णिमा तिथि का क्षय भी हो रहा है। बृहस्पतिवार को चतुर्दशी व पूर्णिमा दोनो एक साथ पड़ेंगी। दहन के दिन चूंकि होलाष्टक सवेरे के समय बने रहेंगे। ऐसे में पूर्णिमा के दिन होने वाले उद्यापन आदि भी इस बार नहीं होंगे।
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होली महोत्सव
होलाष्टकों के आठ दिनों में अघोर और तंत्र शास्त्री प्रतिवर्ष अनेक प्रकार की तंत्र साधनाएं करते हैं। इन साधनाओं का असर धरती पर पड़ता है।
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pregnant women
आमतौर पर होलाष्टकों में गर्भवती महिला और हाल में हुए बच्चों को घर से बाहर नहीं निकाला जाता है।
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Pregnant women - फोटो : demo
इसका कारण होलाष्टकों में होने वाले कुछ लोगों के द्वारा किए जाने वाले तंत्र अनुष्ठान ही हैं। इन अनु्ष्ठानों का समापन होलिका दहन की रात में हो जाता है।
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