डॉ. विजय शर्मा बताते हैं कि हरे, काले, नारंगी, सफेद समेत केमिकल रंगों में पारा, क्रोमियम, आयोडाइड, कांच के महीन टुकड़े आदि मिलाए जाते हैं। यह रासायनिक तत्व सीधे किडनी लीवर और फेफड़ों में इंफेक्शन पैदा करते हैं। साथ ही कई बीमारियों को भी जन्म देते हैं। इससे आंखों में धुंधलापन, अस्थमा और त्वचा से जुड़ी विभिन्न बीमारियां होने की संभावना रहती है।