भारत में देवी दुर्गा का ऐसा मंदिर है जहां मां भक्तों से प्रसन्न होकर झूला झूलती हैं। इतना ही नहीं यहां माता की रखवाली में शेर बैठते हैं। चलिए जानते हैं इस मंदिर के रहस्य...
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jhula devi temple
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित मां दुर्गा के इस मंदिर की रखवाली शेर करते हैं, लेकिन वह स्थानीय लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। नवरात्र पर मां के इस मंदिर में भक्तों का तांता लग जाता है।
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झूला देवी मंदिर
रानीखेत शहर से 7 किमी. की दूरी पर स्थित झूला देवी मंदिर एक लोकप्रिय मंदिर है। यह मंदिर मां दुर्गा को समर्पित है।
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झूला देवी मंदिर
यह मंदिर 700 साल पुराना बाताया जाता है। सावन में झूले की इच्छा जताई थी। तब से यह झूले पर विराजमान हैं। मान्यता है कि रानीखेत के जिस क्षेत्र में यह मंदिर मौजूद है वहां जंगली जानवरों का आतंक था। इस कारण वहां के स्थानीय लोग घर से निकलने में डरते थे।
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झूला देवी मंदिर
एक बार मां दुर्गा किसी ग्रामीण के सपने में आई और उसे किसी जगह की खुदाई करने को कहा। जब खुदाई की गई तो वहां से एक देवी की मूर्ति निकली जिसको इसी मंदिर में झूले पर स्थापित किया गया।
लोगों का मानना है कि मंदिर में प्रार्थना करने वाले लोगों की मनोकामनाएं मां झूला देवी पूरी करती हैं। मुराद पूरी होने पर इस मंदिर में तांबे की घंटी चढ़ाई जाती है। इस मंदिर में हजारों घंटियां लोगों की आस्था का प्रतीक हैं।