budhi diwali
नागथात में मुंशी गांव, लोहारी, लखस्यार, खाड़ी, लुहन, लोहारना, धिरोई, लखवाड़, सावडा, धनपऊ, जखनोग, भराया सिंगोट, चुन्हो गांव के साथ ही क्षेत्र के कई गांवों में होलियात और शाम को भिमल की लकड़ी की मशाल (स्थानीय भाषा में बिट कहते हैं) जलाकर बूढ़ी दिवाली पर्व मनाया। स्थानीय लोग लकड़ी की मशालों को लेकर पंचायती आंगन में एकत्र हुए और मशालों को एक स्थान पर जलाया। ढोल दमाऊ के साथ स्थानीय लोगों ने लोक नृत्य किया। हर घर में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाए गए। लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर उन्हें पर्व की बधाई दी।