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आम दर्शनों के लिए खुले हेमकुंड साहिब के कपाट, तस्वीरों में देखें बर्फ से ढके धाम की अनूठी छटा

Sun, 02 Jun 2019 10:12 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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- फोटो : ANI
हेमकुंड साहिब के कपाट आज सुबह नौ बजे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। इन दिनों धाम चारों ओर से बर्फ से ढका है। आज यहां पहुंचे करीब आठ हजार तीर्थयात्रियों के जो बोले सो निहाल... के जयकारों से हेमकुंड क्षेत्र गूंज उठा। 
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- फोटो : ANI
हेमकुंड सरोवर में पवित्र स्नान कर तीर्थयात्रियों ने दोपहर साढ़े बारह बजे पहली अरदास में भाग लिया। कपाट खुलने के दौरान गढ़वाल आयुक्त बीवीआरसी पुरुषोत्तम, मुख्य ट्रस्टी सरदार जनक सिंह भी मौजूद रहे। 
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हेमकुंड साहिब के खुले कपाट - फोटो : ANI
सुबह सवा नौ बजे पंच प्यारों की अगुवाई में तीर्थयात्रियों का पहला जत्था हेमकुंड साहिब पहुंचा। इसके बाद करीब दो घंटे तक सुखमणि पाठ शुरू हुआ। दोपहर साढ़े बारह बजे से धाम में पहली अरदास शुरू हुई। इसके बाद श्री गुरुग्रंथ साहिब से मुखवाक लिया गया। कपाट खुलने पर हेमकुंड में मौसम सामान्य बना रहा।

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अमर उजाला
गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि घांघरिया से हेमकुंड तक करीब 6 किलोमीटर पैदल मार्ग पर अत्यधिक बर्फ है। सरोवर भी बर्फ से ढका है। कमेटी ने सरोवर के एक स्थान से बर्फ हटाकर श्रद्धालुओं के लिए स्नान की व्यवस्था की है।
 
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अमर उजाला
पहले दिन ही करीब 10 हजार यात्री घांघरिया पहुंचे थे, लेकिन रास्ते में बर्फ अधिक होने के कारण गुरुद्वारा कमेटी ने दो हजार लोगों को घांघरिया में ही रोक दिया। हेमकुंड साहिब के साथ ही यहां स्थित लक्ष्मण (लोकपाल) मंदिर के कपाट भी विधि-विधान से मंत्रोच्चारण के साथ खुल गए।
 
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लक्ष्मण (लोकपाल) मंदिर में भ्यूंडार गांव के ग्रामीण पूजा करते हैं। ग्रामीण कुशल सिंह यहां पूजा करेंगे। कुशल सिंह ने बताया कि इसी स्थान पर सप्त शिखरों के बीच त्रेता युग में मर्यादा पुरुषोत्तम राम के भाई लक्ष्मण ने शेषनाग के रूप में तपस्या की थी। यहां लक्ष्मण की पाषाण मूर्ति है। 
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