फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

केदारनाथ में साढ़े 5 घंटे तक बर्फबारी, बद्रीनाथ, हेमकुंड और औली में भी हुआ हिमपात, मनमोहक नजारे

Wed, 12 Dec 2018 10:40 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चमोली
विज्ञापन
1 of 8
kedarnath, snowfall - फोटो : अमर उजाला
पहाड़ के विभिन्न हिस्सों में मंगलवार को भी मौसम खराब रहा। केदारनाथ में दोपहर बाद से देर शाम करीब साढ़े पांच घंटे तक रुक-रुककर बर्फबारी हुई। चमोली जिले में बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब और औली में दूसरे दिन भी बर्फबारी हुई। केदारनाथ धाम में दिन चढ़ने के साथ यहां मौसम का मिजाज बार-बार बदलता रहा। दोपहर साढ़े 12 बजे से धाम में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई थी, जो देर शाम छह तक जारी रही। क्षेत्र में दो इंच नई बर्फ जम गई है। खराब मौसम के कारण यहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में पुनर्निर्माण के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। 


 
विज्ञापन

लगातार दूसरे दिन भी हुई बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब में बर्फबारी  

2 of 8
kedarnath, snowfall
चमोली जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार दूसरे दिन भी मौसम खराब रहा। बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली, गौरसों बुग्याल, रुद्रनाथ, माणा और नीती घाटी में दोपहर बाद बर्फबारी हुई।
विज्ञापन

3 of 8
kedarnath, snowfall
निचले क्षेत्रों में बारिश होने से ठंड बढ़ गई है। औली में बर्फबारी होने से यहां पर्यटकों की भीड़ उमड़ने लगी है। नीती घाटी में सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम में आए परिवर्तन से समूचा चमोली जिला शीतलहर की चपेट में आ गया है।

हर्षिल घाटी में पारा शून्य से नीचे

4 of 8
snowfall
मंगलवार को यमुनोत्री एवं गंगोत्री धाम समेत ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते जिले में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जिला मुख्यालय समेत निचली घाटियों में बिना बारिश के ही शीतलहर के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा तो हर्षिल, दयारा, डोडीताल, हरकीदून आदि पर्यटन स्थल बर्फ से लकदक होने से आने वाले दिनों में क्रिसमस एवं नए साल के जश्न के लिए बड़ी संख्या में पर्यटकों के यहां पहुंचने की उम्मीद है। 
 
विज्ञापन

5 of 8
snowfall
सुक्की निवासी मोहन सिंह राणा ने बताया कि आजकल हर्षिल घाटी में पारा शून्य से नीचे बना हुआ है। तापमान में आयी गिरावट और इस बार अक्तूबर माह से बर्फबारी का सिलसिला शुरू होने से सेब काश्तकार खुश हैं। बता दें कि अच्छे उत्पादन के लिए सेब के पेड़ों को लंबे समय तक शून्य से कम तापमान की जरूरत होती है।
 
विज्ञापन

6 of 8
snowfall
इधर मंगलवार को भी जिला मुख्यालय एवं आसपास के क्षेत्रों में बादल तो छाए, लेकिन बारिश नहीं हुई। इसके बावजूद ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के चलते यहां जबर्दस्त शीतलहर चल रही है। यही कारण रहा कि जिला मुख्यालय पर भी अधिकतम तापमान 12 डिग्री और न्यूनतम एक डिग्री सैल्सियस दर्ज किया गया।
विज्ञापन

7 of 8
snowfall in badrinath dham
तापमान में आयी गिरावट और सर्द हवाओं के चलते यहां लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। मौसम में आ रहे ये बदलाव पर्यटन के लिहाज से अच्छा संकेत माने जा रहे हैं। यदि आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का सिलसिला जारी रहा तो क्रिसमस एवं नए साल के जश्न के लिए यहां बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।
विज्ञापन

मुनस्यारी की चोटियों पर हिमपात

8 of 8
- फोटो : अमर उजाला
उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रहे हिमपात से निचले इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मुनस्यारी की चोटियों हंसलिंग, पंचाचूली, राजरंभा, मिलम, रालम, छिपलाकेदार में मंगलवार सुबह से ही लगातार हिमपात हो रहा है। इसके चलते क्षेत्र का न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री तक पहुंच गया है।

दोपहर का अधिकतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। चोटियों पर लगातार हो रहे हिमपात से मुनस्यारी समेत अन्य स्थानों पर ठंड बढ़ गई है। लोग रात में लकड़ियां जलाकर आग सेंक रहे हैं। मदकोट, डीडीहाट, बेड़ीनाग, सिंगाली, अस्कोट आदि स्थानों पर भी ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें