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धर्मनगरी हरिद्वार में आफत की बारिश, कार में सवार थे लोग और कार बहने लगी

Sat, 21 Jul 2018 09:45 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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flood - फोटो : amar ujala
मूसलाधार बारिश से गंगनगर में आये उफान से शहर में जलभराव का संकट गहरा गया। बारिश के चलते खड़खड़ी श्मशान घाट के बाहर खड़ी एक गाड़ी भी बह गई। बताया गया कि कुछ लोग एक व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर आए थे। इसी बीच बारिश आ गई जिससे उनका वाहन बह गया और काफी दूर तक गंगा में बहता हुआ चला गया। बाद में वाहन गंगा में फंस गया जिसे पानी कम होने पर निकाला गया। 
 
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कई हिस्सों में जलभराव का संकट गहराया गया। कनखल और उत्तरी हरिद्वार की कई कालोनियों में घरों के भीतर कई फीट पानी भर गया। घरों में पानी भरने से क्षेत्रवासी बार बार अधिकारियों से गंगनहर में पानी कम करने की गुहार लगाते रहे। आखिर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गंगनहर में पानी कम कराया गया, तो लोगों ने राहत की सांस ली। 
 
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शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एक घंटा लगातार हुई बारिश ने जिला प्रशासन के जलभराव को लेकर किये दावों की पोल खोल दी है। मध्य हरिद्वार क्षेत्र में रानीपुर मोड, गोविंदपुरी, आवास विकास समेत अन्य क्षेत्रों में भी दो से ढाई फुट तक पानी था। भगत सिंह चौक पर रेलवे पुलिया के नीचे निर्माण कार्य के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे शहर का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। भगत सिंह चौक के साथ ही टिबड़ी फाटक, रानीपुर मोड़ पर भी यातायात बाधित रहा।

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सबसे अधिक परेशानी कनखल की कृष्णा नगर कालोनी और सर्वप्रिय विहार के लोगों को झेलनी पड़ी। जहां गंगनहर के रजवाहे में अधिक पानी आने से वह ओवरफ्लो हो गया और लोगों के घरों में कीचड़ समेत पानी घुस आया। घरों के बाहर खड़े वाहन पानी में डूब गए साथ ही घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान बारिश की भेंट चढ़ गया। लॉटोवाली, हनुमानगढ़ी, गणेशपुरम, संदेश नगर आदि में भी जगह जगह जलभराव की स्थिति रही। खड़खड़ी भूपतवाला रामगढ़ नई बस्ती में जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
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प्रभावित लोगों ने आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम में बार बार फोन कर मदद की गुहार लगाई। मध्य हरिद्वार में जब पानी अधिक भरने लगा तो भाजपा नेता अनिल अरोड़ा और अन्यों ने डीएम को फोन किया। उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर गंगनहर का पानी कम कराया तब कही जाकर राहत मिली। जिलाधिकारी ने इस रजवाहे की नए सिरे से सफाई कराने के आदेश भी दिए हैं। देर शाम तक कई कालोनियों से आमजन घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। चंद्राचार्य चौक को जलभराव से निजात दिलाने के लिए लगाए गए जनरेटर और पंपिंग सेट ही एकमात्र सहारा बने हैं। जनरेटरों को लेकर भाजपा कांग्रेस में जमकर राजनीति हो चुकी है, लेकिन शुक्रवार को जब बारिश से जलभराव हुआ तब इसी व्यवस्था से जैसे तैसे पानी निकाला जाता रहा।  
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प्रेमनगर आश्रम चौक से गंगनहर से निकल रहे रजवाहे ने कृष्णानगर कालोनी में जमकर कहर बरपाया। बरसात की वजह से सिंचाई के लिए जा रहे रजवाहे के ओवरफ्लो होने से पानी सीधे कालोनी में घुस आया। पूरी कालोन जलमग्न हो गई। ओवरफ्लो होने के चलते करीब सौ घरों में पानी घुस गया। लाखों का घरेलू सामान जलभराव की भेंट चढ़ गया। लोग मदद को यहां वहां दौड़भाग करते रहे, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। शाम तक सभी कालोनीवासी अपने अपने घरों से पानी निकालने में जुटे थे। पानी के साथ आई सिल्ट की परत घरों में जम गई है। हालात बिगड़ने के बाद गुस्साए लोगों ने सिंचाई विभाग के अवर अभियंता का घेराव किया। पिछले वर्ष भी इसी तरह की घटना हो चुकी है, लेकिन  प्रशासन ने उससे कोई सबक नहीं लिया।  
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प्रशासन की ओर से गंगा में पानी बढ़ने पर गंगा तटीय गांवों में ग्रामीणों को चौकसी बरतने के लिए कहा गया है। इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से गंगा में काफी पानी बढ़ गया है। पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बिशनपुर कुंडी, पुरानी कुंडी, टांडा भागमल व भोगपुर के लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। नायब तहसीलदार महेंद्र सिंह व फेरूपुर चौकी में आशुतोष चौहान का कहना है कि गंगा तटीय इलाके में रहने वाले ग्रामीणों से कहा गया है कि वह गंगा के किनारे न जाएं और रात में सावधानी बरतें।
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पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश के कारण गंगा नदी में पानी बढ़ने के श्यामपुर क्षेत्र के गंगा किनारे पड़ने वाले गांव के लोगों के दिल की धड़कने बढ़ा दी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन ने गांव को बचाने के लिए क्षतिग्रस्त वायर क्रेट तटबंध सही नहीं करवाये, जिससे ग्रामीणों को बाढ़ का खतरा सता रहा है। एकागडी गांव ग्राम प्रधान राजेश कुमार, ग्रामीण फकीरचंद, अशोक कुमार, सुनील पाल, सोमपाल और ओम प्रकाश का कहना है कि कांगड़ी गांव बाढ़ आने के मामले में सबसे संवेदनशील गांव माना जाता है। वर्ष 2013 में आई आपदा मैं भी गांव को काफी भूमि का कटाव हुआ था, लेकिन तटबंध ठीक नहीं करवाए गए। पहाड़ों में हो रही लगातार बारिश पड़ने के कारण गंगा नदी में पानी ज्यादा होने के कारण  गांव से सटकर चल रहा है। एकागडी के गांव के पास कटाव होना चालू हो गया है। 
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