नागा साधुओं की शोभायात्रा
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इनमें अखाड़ों के संन्यासी भी तैनात किए जाते हैं। उनको शस्त्र चलाने से लेकर शास्त्रों की शिक्षा दी जाती है। पेशवाई की सुरक्षा का दायित्व अखाड़ों की फौज पर निर्भर है। इनमें नागा संन्यासी सबसे अधिक होते हैं। इनकी अपनी वेशभूषा होती है। 18 साल की उम्र से अधिक काबिल लोग ही सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं।