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हरिद्वार कुंभ 2021: साधारण महापर्व नहीं कुंभ, लंदन तक मशहूर है इस महापर्व की गाथा, देखिए अद्भुत तस्वीरें

Thu, 04 Mar 2021 12:58 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
कुंभ साधारण महापर्व नहीं है। इसकी गाथा वेद पुराणों और मायथोलॉजी से लेकर लंदन की प्रसिद्ध इलियट लाइब्रेरी के दस्तावेजों तक फैली है। श्रीमद्भागवत, इम्पीरियल गजेटियर, आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया के साथ साथ अथर्ववेद, आईने अकबरी, रामायण और सभी 18 पुराणों में कुंभ महापर्व का वर्णन है। इसे महान अमृत योग के रूप में महापुण्यमयी दर्शाया गया है। ब्रिटानिका, एशियाटिक रिसर्च, अमेरिकना एनसाइक्लोपीडिया, क्रिश्चियन ऑब्जर्वर में भी कुंभ का विस्तार दिया गया है। महानिर्वाणी अखाड़ा के महंत लालपुरी, दिलीप कुमार राय, इंदिरा देवी, डॉ. विष्णु राकेश ने कुंभ के इतिहास पर पुस्तक लिखी। एलेक्जेंडर कनिंघम, लेफ्टिनेंट फ्रांसिस व्हाइट, ब्लैकमैन एंड जेरेट, डॉसन, एमा रॉबर्ट एवं एटकिंसन ने अपने साहित्य के माध्यम से भारत के कुंभ मेले को दुनियाभर में चर्चित किया। यही कारण है कि हरिद्वार और प्रयाग के कुंभ मेले में हजारों विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। स्कंद पुराण, विष्णु पुराण, शिव पुराण, शतपथ ब्राह्मण, कूर्म पुराण और मत्स्य पुराण में कुंभ महापर्व की व्यापक महिमा है। सर यदुनाथ सरकार ने कुंभ के आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व पर गहन अध्ययन के पश्चात पुस्तक लिखी। कालिदास के मेघदूत और महाभारत के आदि पर्व एवं वनपर्व में भी कुंभ का व्यापक उल्लेख है। कुंभ अनादि पर्व है, इसकी महिमा भी अपरंपार है।

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
वहीं सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की पेशवाई में शामिल होने के बाद संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया था। उन्होंने महाकुंभ की तैयारियों पर भी संतों के साथ चर्चा की थी और कहा था कि संतों के आशीर्वाद से महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सबसे पहले पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की एसएमजेएन पीजी कॉलेज स्थित अस्थायी छावनी पहुंचे थे।

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अखाडे़ के सचिव एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी, अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के साथ मुख्यमंत्री ने पूजा कर पेशवाई का शुभारंभ किया था।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद मायादेवी मंदिर में पूजा कर दिव्य एवं भव्य कुंभ के लिए आशीर्वाद मांगा। मुख्यमंत्री ने अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि का आशीर्वाद भी लिया था।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित दत्तात्रेय चरण पादुका के साथ ही श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े की चरण पादुका का श्री पंच अग्नि अखाड़े में पूजा की।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा कनखल पहुंचकर श्रीमहंत रविंद्र पुरी के साथ पूजन किया। मुख्यमंत्री कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम भी पहुंचे।

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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लिया और महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
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हरिद्वार कुंभ - फोटो : अमर उजाला
सीएम बैरागी कैंप कनखल के अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ा भी पहुंचे। उन्होंने हनुमान मंदिर में पूजा कर अखाड़ा अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास से आशीर्वाद लिया।
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