हरिद्वार कुंभ
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नागा केवल भगवान शिव की आराधना करते हैं। जो शिव को प्रिय है वही उनके भक्तों को भाता है। नागा संन्यासी त्रिशूल, डमरु, रुद्राक्ष, खड़ग, शंख, कुंडल, कमंडल, कड़ा, चिमटा, कमरबंध, चिलम, भभूत धारण करते हैं। नागा ऊं नमो नारायण मंत्र से सभी का अभिवादन करते हैं।