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Kumb Mela 2021: कुंभनगरी में गंगा-जमुनी तहजीब को ऐसे संवार रहे अखलाक, तस्वीरों में देखें...

Sun, 27 Dec 2020 12:48 PM IST
अलका त्यागी निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
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- फोटो : अमर उजाला
कहते हैं कि कलाकार का कोई मजहब नहीं होता, हुनर ही उसकी पहचान होती है। अखलाक भी एक ऐसे ही कलाकार हैं, जो महाकुंभ की तैयारियों के लिए हरिद्वार को सजाने-संवारने में जुटे हैं। अखलाक मुस्लिम हैं, लेकिन उनके दिमाग में हिंदू देवी-देवताओं और रामायण के सभी पात्रों की अमिट छाप है। भोलेनाथ हों या श्रीराम, पलक झपकते ही अखलाक उनकी आकृतियों को दीवार पर उकेरकर जान डाल देते हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार-लक्सर रोड स्थित सुल्तानपुर गांव निवासी अखलाक बीते 10 वर्षों से पेंटिंग कर रहे हैं। पढ़ाई ज्यादा नहीं की है, लेकिन पेंटिंग के जुनून ने उन्हें सभी धर्मों का पाठ पढ़ाया है। हिंदू देवी-देवताओं की आकृतियां बनाने में अखलाक माहिर हैं। 
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- फोटो : अमर उजाला
बिना देखे किसी भी देवी-देवता की आकृति बना लेते हैं। देवी-देवताओं की आकृति और रामायण के सभी पात्र व संवाद उनके दिमाग में मानो छपे हों। कुंभ के पेशवाई मार्ग की दीवारों पर देवी-देवताओं की आकृतियां बनाने के बाद अब चंडी चौक स्थित हाईवे की दीवारों पर वह अपनी कूची का हुनर दिखा रहे हैं।

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- फोटो : अमर उजाला
अखलाक बताते हैं कि किसी भी कार्य के लिए मेहनत और लगन जरूरी है। एक कलाकार का हुनर इसी से निखरता है। धर्म समाज को जोड़ता है। सभी धर्मों से जुड़े चित्र बनाने का अवसर मिलता है, ये उनका सौभाग्य है। इससे ही उनके परिवार का बसर होता है।
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- फोटो : अमर उजाला
अखलाक अपने हुनर को वक्त के साथ अपडेट भी कर रहे हैं। आजकल थ्री डी पेंटिंग के दौर में भी उन्होंने खुद को ढाल लिया है। अखलाक अपने हुनर का श्रेय रुड़की के फरीद अहमद और सहारनपुर के कृष्णा को देते हैं। वे बताते हैं कि इन्हीं उस्तादों ने अंगुलियों में ब्रश पकड़ाकर कल्पनाओं में रंग भरना सिखाया।
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- फोटो : अमर उजाला
अखलाक एक बेहतरीन कलाकार है। कुंभ के लिए दीवारों पर चित्रकारी करने वाले ग्रुप में चार पेंटर हैं। इनमें अखलाक ही मुस्लिम है। हर कोई उसकी कलाकारी का कायल है। सिद्दत से देवी-देवताओं की आकृतियां बनाकर उनमें जान डाल देता है। 
- किशोर पेंटर, अखलाक का साथी
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- फोटो : अमर उजाला
कलाकार कोई भी हो, उसका कोई धर्म नहीं होता है। अपने हुनर से कलाकार समाज को जोड़ते हैं। पेंटर अखलाक जैसे कलाकार ही आपसी भाईचारे की नींव मजबूत करते हैं। उसका हौसला बढ़ाने की जरूरत है। 
- महंत रविदेव शास्त्री, श्री गरीब दासीय आश्रम
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