धर्मराज भारती (मौनी बाबा) को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी का महंत बनाया गया है। श्रीमहंत रविंद्र पुरी और पंच परमेश्वरों की मौजूदगी में उनका पद पर सुशोभित किया गया। श्री महंत रविंद्र ने ने बताया कि अब से मौनी बाबा महंत धर्मराज भारती के नाम से पुकारे जाएंगे।
इस मौके पर श्रीमहंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि त्याग और तपस्या से ही परमात्मा के दर्शन होते हैं। संत हमेशा त्याग और तपस्या कर भगवान की भक्ति में लीन रहते हैं। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि हमारे हजारों साधु तपस्या करते हैं। उत्तराखंड और हिमाचल सहित तमाम जगहों पर जंगलों व अलग-अलग स्थानों पर तपस्या कर रहे हैं। उन्हीं में से धर्मराज भारती हैं। धर्मराज भारती ने 12 साल तक मौन रखा। उन्होंने बर्फ से ढके दुर्गम इलाकों में 12 सालों तक कड़ी तपस्या की।
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उनके त्याग और तपस्या को देखकर ही पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने उन्हें महंत पद पर सुशोभित करने का निर्णय लिया। श्रीमहंत रामरतन गिरि ने कहा कि त्याग और तपस्या का फल एक दिन जरूर मिलता है। इस अवसर पर श्रीमहंत ओमकार गिरि, श्रीमहंत दिनेश गिरि, श्रीमहंत हरगोविंद पुरी, श्रीमहंत केशवपुरी, श्रीमहंत मनीष भारती, श्रीमहंत राधेगिरि, श्रीमहंत नरेश गिरि आदि उपस्थि रहे।