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हरेला 2020: देहरादून में बना एक घंटे में 3.50 लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड, गोद लिए जाएंगे पौधे, तस्वीरें...

Thu, 16 Jul 2020 08:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में हरेला पर्व पर गुरुवार को पूरे प्रदेश में लाखों पौधे रोपे गए। वन एवं बागवानी विभाग ने 10 लाख पौधे रोपने का लक्ष्य रखा था। देहरादून में एक घंटे में साढ़े तीन लाख पौधों रोपने का रिकाॅर्ड बनाया गया। सघन पौधारोपण के साथ-साथ प्रदेश सरकार की यह चिंता भी है रोपे जाने वाले पौधे जीवित कैसे रहेंगे? इसे लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोगों से पौधे गोद लेने की अपील की। उन्होंने गांवों में प्रधानों और शहरों में लोगों से एक-एक पौधा गोद लेने का आह्वान किया। 
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- फोटो : अमर उजाला
हरेला के पर्व पर अल्मोड़ा जिले की कोसी नदी की घाटी में एक घंटे में 1.67 लाख पौधे लगाए गए थे। अगले वर्ष उसी नदी किनारे 2.67 लाख पौधे लगाए गए। इस वर्ष देहरादून जिले में दो लाख 75 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य था। आज करीब 3.50 लाख पौधे लगाए गए। इनमें 60 हजार से अधिक फलदार पौधे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
गुरुवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, प्रदेश सरकार के मंत्रियों, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, राजनीतिक दलों के नेताओं, स्वयंसेवी संस्थाओं के लोगों, वन और उद्यान विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने अलग अलग स्थानों पर पौधारोपण किया। 

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- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर भी पौधा रोपा। उन्होंने रायपुर में लोक गायक जीत सिंह नेगी की याद में पौधा रोपकर स्मृति वन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल बेबीरानी मौर्य ने पौधारोपण से लोगों को जोड़ने की अपील की। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा औषधीय पौधे रोपने का सुझाव दिया।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में अभी तक गांव व संस्थाओं को गोद लेने की परंपरा रही है। लेकिन पहली बार राज्य में पौधों को गोद लेने की परंपरा शुरू हुई है। यह देखना होगा कि पौधे गोद लेने की अपील कितनी कारगर रहती है। यदि लोगों ने पौधों की देखरेख की तो बड़ी संख्या में पौधे जिंदा रह सकेंगे। 
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- फोटो : अमर उजाला
हरेला पर्व पर पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी दर्शन लाल चौक  स्थित पंचायती मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पौधा रोपा। 
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- फोटो : अमर उजाला
वहीं, बागेश्वर में हरेला पर्व के अवसर पर बहनों ने भाईयों के सिर पर हरेला रखा और सुख समृद्धि की कामना की। बता दें कि  इस दिन बहनें बड़े, बूढ़ों के सिर पर और माताएं बच्चों के सिर पर हरेला रखतीं हैं।
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