इसके अगले दिन दीवाली पर शाम को पूजन में रोली, कुमकुम, चावल, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, धूप, कपूर, गुग्गल धूप, 11 दीपक, रुई, कलावा, नारियल, शहद, दही, गंगाजल, गुड, धनिया, फल, फूल, जौ, गेहूं, दूर्वा, चंदन, सिंदूर, घृत, पंचामृत, दूध, मेवे, खील, बताशे, गंगाजल, यज्ञोपवीत, श्वेत वस्त्र, इत्र, चौकी, कलश, शंख, लक्ष्मी व गणेश की मूर्ति, आसन, थाली, चांदी का सिक्का आदि वस्तुओं को पूजन के समय रखना चाहिए।