हल्द्वानी स्थित डा. सुशीला तिवारी अस्पताल के ‘हीरो’ को भी एक बजरंगी भाईजान की तलाश है, जो उसे उसके मम्मी डैडी तक पहुंचा दे। पिछले 15 दिन से अस्पताल में भर्ती मूक बधिर बालक नाम और पता कुछ नहीं बता पा रहा है।
एसटीएच प्रशासन मूकबधिर बालक को परिजनों से मिलाने के लिए बजरंगी भाईजान की तलाश में लगा है। इसके लिए जिला प्रशासन के अलावा चाइल्ड हेल्प लाइन से मदद मांगी है।
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haldwani hero waiting for bajrangi bhaijaan
जानकारी के मुताबिक पिछले माह 18 जुलाई को दोपहर 12 बजे आपातकालीन सेवा 108 द्वारा एक बालक को बेहोशी की अवस्था में डा. सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
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कालरा से पीड़ित बालक को 108 सेवा के कर्मचारी गांधीनगर लाइन नंबर 18 से उठाकर लाए थे, बालक वहां सड़क पर बेहोश पड़ा था। बालक की उम्र करीब 14 वर्ष है। बालक की हालत में सुधार होने पर उसे अगले दिन बालरोग वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
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वह तभी से बालरोग वार्ड में बेड नंबर चार पर भर्ती है। पहले तो नर्सों ने समझा कि बालक तबीयत ठीक होने पर कुछ बोलेगा मगर बाद में पता लगा कि वह मूक बधिर है। इसके बाद वार्ड की नर्सों के साथ दूसरे स्टाफ को भी बालक से लगाव हो गया और सभी उसे ‘हीरो’ कह कर बुलाते हैं।
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सिस्टर आईबी बतातीं हैं कि बालक का नाम हीरो इसलिए रखा क्योंकि जब भी उसे आवाज दो तो वह खुश होकर सेल्यूट मारता है और किसी भी अनजान को आकर्षित कर देता है। पूरा स्टाफ बालक की देखभाल करता है।
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- फोटो : solaris
हीरो की मनमोहित करने वाली हरकतों से वार्ड के दूसरे रोगियों के तीमारदार भी उसे प्यार करने लगे हैं। जो वे अपने बच्चों को खिलाते हैं उसे खिलाना नहीं भूलते। हीरो वाकई में हीरो ही है उसके कपड़े और जूते देखकर लगता है कि वह किसी अच्छे परिवार से है। लेकिन इतने दिनों के इंतजार के बाद भी उसे कोई लेने नहीं आया, यह अस्पताल प्रशासन के लिए टेंशन बना हुआ है।
मूकबधिर बालक 15 दिन से वार्ड में भर्ती है मगर उसे लेने अब तक कोई नहीं आया। चाइल्ड हेल्प लाइन से बात हुई थी। चाइल्ड हेल्प लाइन विमर्श नैनीताल से बुधवार को कुछ लोग आए भी थे। उन्होंने बच्चे को देखने के बाद उसका प्रोफाइल ले गए हैं। उम्मीद है कि बालक को उसके माता पिता जल्द मिल जाएंगे।
- डा. एके पांडेय, चिकित्सा अधीक्षक, एसटीएच