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आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हुआ बहादुर बेटा, खबर सुनते ही परिवार और गांव में पसरा मातम

Wed, 08 Aug 2018 08:27 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, कोटद्वार
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mandeep singh rawat - फोटो : file photo
38वीं राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात कोटद्वार के शिवपुर गांव निवासी राइफलमैन मनदीप सिंह रावत (28) आतंकवादियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। सोमवार रात को मनदीप और उनके साथी जवानों ने जम्मू-कश्मीर के बांदीपुरा गुरेज सेक्टर में दो आतंकवादियों को मार गिराया था। तभी दुश्मनों की ओर से हुई जवाबी फायरिंग में मनदीप शहीद हो गए। 

 
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mandeep singh rawat
सेना के अधिकारियों की ओर से मनदीप के परिजनों को मंगलवार सुबह मनदीप के शहीद होने की सूचना दी गई। अधिकारियों के बताया कि सोमवार रात को जम्मू कश्मीर के बांदीपुरा के गुरेज सेक्टर में आतंकवादियों के घुसने की सूचना मिली थी।
 
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mandeep singh rawat
सेना ने रात को ही सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें आतंकवादियों ने जवानों को करीब पाते ही गोलियों की बौछार शुरू कर दी। सेना के जवान दो आतंकवादियों को मार चुके थे, तभी गोली लगने से मनदीप शहीद हो गए।

 

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gurez encounter, martyr
मनदीप के मौसा सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मनदीप के पिता बूथी सिंह पूर्व सैनिक हैं और माता सूमा देवी गृहणी है। मनदीप में बचपन से ही सेना में भर्ती होने की ललक थी। 12वीं कक्षा पास करने के बाद वर्ष 2012 में वह गढ़वाल राइफल में भर्ती हो गए। उनकी पहली तैनाती 15वीं गढ़वाल राइफल्स में हुई।
 
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army
फौज में बेहतर प्रदर्शन होने के कारण उन्हें कोटद्वार के कौड़िया कैंप में पीटी प्रशिक्षक पद पर नियुक्ति दी गई। छह माह पहले ही उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर में 38वीं राष्ट्रीय राइफल्स में की गई थी। मनदीप के छोटे भाई सुदीप रावत भी जम्मू-कश्मीर राइफल्स में जम्मू में तैनात हैं। 
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