बहुचर्चित गुप्ता बंधुओं की तरफ से बदरीनाथ मंदिर में 16 मई को सोने का छत्र और पत्तर चढ़ाए जाने की तैयारी है। चार किलो सोने के इस छत्र और पत्तर को चढ़ाने की पेशकश गुप्ता बंधुओं ने भगोड़ा घोषित होने से पूर्व पिछले साल की थी।
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gupta family
मंदिर समिति ने साफ किया है कि गुप्ता बंधुओं की तरफ से चढ़ाए जा रहे छत्र को वह सिर्फ एक दानकर्ता की श्रद्घा के रूप में देख रही है। एक्ट में भी इसी तरह की व्यवस्था दी गई है। इधर, सरकार ने भी इस मामले में सतर्क प्रतिक्रिया दी है। सरकार ने कहा है कि गुप्ता बंधुओं पर जो आरोप हैं, उसमें कानून अपना काम कर रहा है। मगर एक श्रद्घालु के तौर पर उन्हें अपनी भावना प्रकट करने का पूरा अधिकार है।
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nand gopal gupta nandi
दक्षिण अफ्रीका सरकार को अपनी कारस्तानी से हिला देने वाले गुप्ता बंधु ईडी, आयकर विभाग और तमाम दूसरी जांच एजेंसियों के निशाने पर हैं। उत्तराखंड समेत देशभर में कई स्थानों पर गुप्ता बंधुओं की संपत्तियां सील की जा चुकी हैं। गुप्ता बंधु पिछले साल मई में बदरीनाथ धाम की यात्रा पर आए थे। उस वक्त उन्होंने सोने का छत्र चढ़ाने की पेशकश मंदिर समिति के अधिकारियों के सामने की थी। यह प्रस्ताव बाद में बोर्ड बैठक में पारित हो गया था।
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इस बीच, गुप्ता बंधु देश-दुनिया में चर्चा में आ गए और भगोड़ा घोषित हो गए। पिछले दिनों उनकी बदरीनाथ धाम में सोने का छत्र चढ़ाने की पेशकश पर फिर से मामला आगे बढ़ा। गुप्ता बंधुओं की तरफ से मंदिर समिति को सूचित किया गया कि उनकी तरफ से 16 मई को कराई जा रही कथा के दौरान ही सोने का छत्र और पत्तर भी चढ़ाए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, छत्र और पत्तर बनाने के काम में दून के कारीगर जुटे हुए हैं।
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satpal maharaj
यह मामला पूरी तरह से मंदिर समिति का है, लेकिन सरकार का ये मानना है कि गुप्ता बंधुओं को भले ही भगोड़ा घोषित कर दिया गया हो, लेकिन एक श्रद्घालु के तौर पर उन्हें हक है कि वह अपनी भावना को प्रकट कर सकें। उन पर जो आरोप हैं, उन पर कानून काम कर रहा है। छत्र चढ़ाने में कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। -सतपाल महाराज, संस्कृति और धर्मस्व मंत्री, उत्तराखंड
पिछले साल गुप्ता बंधुओं ने सोने की छत्र चढ़ाने की पेशकश की थी। बोर्ड ने भी इसे मंजूरी दे दी। मंदिर समिति के एक्ट में साफ लिखा गया है कि दानदाता की इच्छा को शीर्ष प्राथमिकता पर रखा जाएगा। हम सिर्फ सोने पर हॉलमार्क और उसकी प्रमाणिकता की जांच करेंगे। छत्र चढ़ाने से किसी को रोका नहीं जा सकता। - बीडी सिंह, मुख्य कार्याधिकारी, बदरी-केदार मंदिर समिति
मामले में सियासी अदावत की छाया भी
भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी अदावत का जरिया बनी बदरी-केदार मंदिर समिति इस पूरे मामले में बंटी हुई नजर आ रही है। हालांकि संस्कृति और धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज और मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह एक लाइन पर ही बोल रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही खबरों में समिति अध्यक्ष गणेश गोदियाल की प्रतिध्वनि अलग सुनाई दे रही है। चल रही खबरों में बताया जा रहा है कि गणेश गोदियाल ने इस मामले में पहले ईडी और आयकर विभाग को सूचना देने का निर्णय लिया है। तब तक के लिए कार्रवाई रोके जाने की बात खबरों में बताई जा रही है। खबरों के मुताबिक, गोदियाल का तर्क है, कि पिछले साल मार्च में जब यह प्रस्ताव आया था, तब इस बात की जानकारी नहीं थी कि ये गुप्ता बंधु वे ही हैं, जिन्हें भगोड़ा घोषित किया गया है। मगर अब स्थितियां बदल चुकी हैं। हालांकि सरकार और समिति अफसर इस बात से सहमत नहीं हैं। इन स्थितियों के बीच, बोर्ड अध्यक्ष गणेश गोदियाल से संपर्क करने की शनिवार को कई कोशिशें की गईं, लेकिन उनका औपचारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो पाया।