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मासूम को मार डाला: कलेजे के टुकड़े की मौत से बिखर गया परिवार, बिलख रही मां, दादी की तड़प बयां कर रहे ये शब्द

Thu, 24 Nov 2022 01:47 PM IST
रेनू सकलानी मनोहर बिष्ट, संवाद न्यूज एजेंसी, पौड़ी
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मासूम - फोटो : अमर उजाला
मासूम पीयूष के जाने का उसकी दादी सतेश्वरी देवी को इतना सदमा लगा है कि वह आते-जाते लोगों को चाय पिला रही हैं और रुंंधे गले से यह कह रही है कि यह उसके नाम की आखिरी चाय है। इसके बाद वह रो पड़ीं और बार-बार बस यही कहती रही कि कलेजे के टुकड़े की याद आजीवन सालती रहेगी। इस आंगन में बच्चे आगे भी खेलेंगे लेकिन उन बच्चों की किलकारी में मेरे पीयूष की आवाज नहीं सुनाई देगी। वहीं मासूम की मां बेसुध पड़ी है।

मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे निसणी गांव में रविंद्र सिंह का छोटा बेटा पांच वर्षीय पीयूष दोस्तों के साथ पुल के समीप खेल रहा था कि घात लगाए गुलदार ने उस पर हमला कर दिया। दोस्तों की चीख-पुकार व ग्रामीणों के शोर से गुलदार मासूम को छोड़कर तो चला गया लेकिन तब तक वह दमतोड़ चुका था।

घटना के बाद से ही गांव में गम व दहशत का माहौल है। हालांकि लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं लेकिन वे खुद ही आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। मासूम की मां विनीता देवी बेसुध हैं। जैसे ही उसे होश आता है तो वह फिर बिलखने लगती है। मासूम की दादी सतेश्वरी देवी की आंखों से निरंतर बहता पानी पोते के जाने की तड़प बयां कर रहा है।
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मासूम की मौत से परिवार में पसरा सन्नाटा - फोटो : अमर उजाला
सतेश्वरी देवी ने कहा कि पहले भी उस जगह रोज बच्चे खेलते थे और आगे भी खेलते रहेंगे लेकिन अब उन बच्चों की किलकारी में मेरे मासूम पीयूष की आवाज नहीं सुनाई देगी। उसकी अठखेलियां करती छवि आंखों में हमेशा तैरती रहेगी। दूसरी ओर पीयूष के सात वर्षीय भाई को यह समझ ही नहीं आ रहा है कि उसका छोटा भाई कहां है। उसके घर में इतने लोग आखिर क्यों आ रहे हैं और सभी लोग रो क्यों रहे हैं। 
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गुलदार को पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा। - फोटो : अमर उजाला
निसणी के रविंद्र सिंह दिल्ली में प्राइवेट सेक्टर में नौकरी करते हैं। उन्हें गुलदार के हमले में उनके मासूम की मौत की सूचना मंगलवार को नहीं दी गई। बुधवार सुबह परिजनों ने रविंद्र को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद रविंद्र सिंह तत्काल गांव की ओर रवाना हो गए। 

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : अमर उजाला
ब्लॉक पाबौ के निसणी गांव में गुलदार के पांच वर्ष के मासूम को मार डालने की घटना के बाद से ही गम व दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने गुलदार को पकड़े जाने या नरभक्षी घोषित कर उससे निजात दिलाने की गुहार लगाई। हालांकि घटना के बाद गांव में पिंजरा लगा दिया गया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा राशि भी दे दी गई है। 

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गुलदार का हमला - फोटो : अमर उजाला
बुधवार को ब्लॉक पाबौ के निसणी गांव में नायब तहसीलदार हरेंद्र खत्री, राजस्व विभाग, वन विभाग की टीम के साथ पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। मासूम पीयूष के दादा मान सिंह व अन्य बुजुर्ग ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार से गुलदार को पकड़े जाने की मांग की। ग्रामीण मातवर सिंह, बलवंत सिंह व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में गुलदार का आतंक इतना है कि बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं।
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