वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) शुरुआती चरण में 500 युवाओं के लिए रोजगार का जरिया भी बनेगा। जीएसटी फाइल करने के लिए न केवल चार्टर्ड अकाउंटेंट और एडवोकेट बल्कि बीकॉम, एमकॉम, बीबीए, एमबीए पास युवाओं को बतौर टैक्स प्रैक्टिशनर काम करने का मौका मिलेगा। वाणिज्य कर विभाग ने ट्रेनिंग का खाका तैयार कर लिया है।
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टैक्स प्रैक्टिशनर(टीपी) का काम करदाता की हर महीने होने वाली रिटर्न ऑनलाइन फाइल करने का होगा। पहली बार सरकार ने बीकॉम, एमकॉम कर चुके युवाओं को भी टैक्स प्रैक्टिशनर बनने का मौका दिया है।
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वाणिज्य कर विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक उत्तराखंड में हर तहसील से करीब पांच युवाओं को टीपी की ट्रेनिंग दी जाएगी। तीन दिन की इस ट्रेनिंग के लिए उन्हें वाणिज्य कर विभाग या रोजगार कार्यालय में आवेदन करना होगा।
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वाणिज्य कर विभाग अपने कार्यालयों में उन्हें प्रशिक्षण देगा। वाणिज्य कर विभाग की वेबसाइट पर भी जल्द ही इसकी जानकारी जारी होने वाली है।
प्रदेश में 80 हजार से ज्यादा करदाता जीएसटी के दायरे में आएंगे। टैक्स प्रैक्टिशनर(टीपी) को मिलने वाले भुगतान के लिए भी जीएसटी में व्यवस्था की जाएगी। उन्हें या तो प्रति पेज या फिर प्रति एंट्री के हिसाब से भुगतान होगा। यह पैसा करदाता की ओर से दिया जाएगा।