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दुल्हनिया लेने निकले दूल्हे राजा ने सड़क से मलबा साफ कर बहाया पसीना, बरातियों ने भी दिया साथ, तस्वीरें...

Thu, 09 Jul 2020 07:48 PM IST
अलका त्यागी धनवीर बिष्ट, अमर उजाला, श्रीनगर(पौड़ी)
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दूल्हे ने हटाया मलबा - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में मौसम खराब बना हुआ है। रास्ते पर जगह-जगह भूस्खलन से रास्ते बंद हो रहे हैं। इसके चलते बुधवार को घर से शादी के लिए निकले दूल्हे और बरातियों को रास्ते से मलबा साफ करना पड़ गया। सुबह घर से निकली बरात गांव से करीब 10 किमी दूर पहुंची थी कि मार्ग मलबा आने से बंद हो गया। इसके बाद बरातियों सहित दूल्हे को मार्ग पर पड़े मलबे को हटाने में पसीना बहाना पड़ा। 
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दूल्हे ने हटाया मलबा - फोटो : अमर उजाला
करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद रास्ता खुल पाया। रास्ता बंद होने से हुई देरी के कारण बराती दुल्हन को लेकर रात एक बजे घर लौटे। विकासखंड कीर्तिनगर के लोस्तु बडियारगढ़ के रिंगोली मल्ली गांव में दिग्विजय सिंह कंडारी की शादी थी। बरात को चमोली जिले के पोखरी गांव में जाना था। इसलिए मंगलवार को बरात दुल्हन को लेने सुबह सात बजे घर से निकल गई। 
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दूल्हे ने हटाया मलबा - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान करीब 10 किमी दूर धुरेट गांव के पास बरात पहुंची तो मार्ग पर मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध पड़ा था। ग्रामीण रघुवीर सिंह कंडारी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण बरात के पांच छोटे वाहनों में 14 लोग सवार थे। मार्ग पर गिरा मलबा देख दूल्हे के साथ ही सभी लोगों ने मार्ग पर गिरे मलबे को हटाने का काम शुरू किया, जिसमें करीब डेढ़ घंटा लग गया। इससे उनकी बरात भी लेट हो गई। 

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दूल्हे ने हटाया मलबा - फोटो : अमर उजाला
दोपहर दो बजे बाद बरात दुल्हन के घर पहुंची। इस कारण बरात वापस एक बजे रात अपने घर पहुंची। स्थानीय हरदेव सिंह, पूरण सिंह, प्रीतम सिंह, सागर आदि ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि तेगड़ से घंडियालधार तक मोटर मार्ग खस्ता हाल है। क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे है। कई बार लोक निर्माण विभाग को समस्या के समाधान के लिए कहा गया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। 
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- फोटो : फाइल फोटो
मोटर मार्ग के अवरुद्ध होने पर साइड पर मशीन भेजी कई थी, लेकिन जब तक मशीन पहुंची तब तक बरातियों के वाहन निकल चुके थे। अब पूरे मार्ग से मलबा हटा दिया गया है। बारिश के बाद पैच वर्क आदि का काम भी करवाया जाएगा। 
- हर्षवर्द्घन मैठाणी, सहायक अभियंता लोनिवि कीर्तिनगर। 
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