देहरादून जू (मालसी डियर पार्क) में वन्यजीवों के अलावा अब विशेषज्ञों की मदद से हवा में उड़ने वाली घास उगाई जाएगी।
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malsi deer park
- फोटो : AmarUjala
इतना नहीं मालसी डियर पार्क में विज्ञान से जुड़ी तकनीकों की भी जानकारी मिलेगी। इसके तहत मालसी चिड़ियाघर में ऐरोपोनिक्स विधि के जरिए हवा में चारा उगाने का प्रयोग और प्रदर्शन दोनों किया जाएगा।
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- फोटो : AmarUjala
वन विभाग मालसी चिड़ियाघर को लगातार विकसित करने में जुटा है। मालसी चिड़ियाघर में मछलियों की जानकारी देने के लिए एक्वेरियम से लेकर थ्रीडी फिल्म के लिए आडिटोरियम बनाया गया है। यहां पर आने वाले खास तौर छात्रों की जानकारी बढ़ाने के लिए हवा में घास उगाने का प्रयोग और प्रदर्शन दोनों करने का फैसला किया गया है।
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dehradun zoo
इस प्रयोग के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों की भी मदद ली जाएगी। योजना में मदद कर रहे विशेषज्ञ बृजमोहन शर्मा ने बताया कि चिड़ियाघर में एक लैब तैयार की जाएगी। इसमें हवा में पौधे बांधे जाएंगे, जिनकी जड़ों में एक निश्चित अवधि में पानी और मिनरल्स को मशीनों के माध्यम(फ्यूम) से दिए जाएंगे। फिर इससे पौधे विकसित होंगे। हिमाचल में यह प्रयोग किया गया है, जो की काफी सफल रहा है। अभी बाजार से साढ़े चार रुपये प्रति किलो के हिसाब से चारा खरीदा जाता है, जबकि जू में ढाई रुपये प्रति किलो की दर से चारा तैयार हो जाएगा।
जू निदेशक व डीएफओ देहरादून प्रसन्न पात्रो के अनुसार अब ऐरोपोनिक्स विधि से जू में सस्ता चारा भी तैयार होगा साथ में लोगों को इस विधि को देखने और समझने का मौका भी मिलेगा। इससे सबसे ज्यादा लाभ छात्रों को होगा। ऐरोपोनिक्स विधि से चिड़ियाघर में चारा तैयार करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनेगा।