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देवभूमि के इस मंदिर में चेहरे बदलती है देवी मां की मूर्ति

Wed, 31 Jan 2018 10:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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dhari devi temple
देवभूमि उत्तराखंड के इस मंदिर में देवी मां की मूर्ति में ऐसा चमत्कार होता है, जिसके बारे में सुनकर हर कोई दांतों तले अंगुली दबा लेता है।
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dhari devi temple
उत्तराखंड में बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा मार्ग के मुख्य पड़ाव से 15 किमी की दूरी पर स्थित चमत्कारिक इस मंदिर में म‌ूर्ति दिन में तीन बार रूप बदलती हैं।
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dhari devi temple
यह मूर्ति एक देवी मां की है। जो देवभूमि उत्तराखंड की रक्षक के रूप में जानी जाती हैं। अलकनंदा नदी के तट पर स्थित सिद्धपीठ मां धारी देवी के मंदिर में रोजाना यह चमत्कार होता है।

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dhari devi temple
कहते हैं यहीं मां काली की कृपा से महाकवि कालिदास को ज्ञान मिला था। शक्ति पीठों में कालीमठ का वर्णन पुराणों में मिलता है।
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dhari devi
मान्यता है कि कालीमठ मंदिर से ही मूर्ति का सिर वाला भाग बाढ़ से अलकनंदा नदी में बहकर धारी गांव नामक स्थान पर आ गया। गांव की धुनार जाति व स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर सिर वाले भाग को समीपवर्ती ऊंची चट्टान पर स्थापित किया।
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धारी गांव के पांडे ब्राहमण मंदिर के पुजारी हैं। मां काली कल्याणी की यह मूर्ति वर्तमान में अलकनंदा नदी पर जल-विद्युत परियोजना के निर्माण के चलते नदी से ऊपर मंदिर बनाकर स्थापित की गई है।
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dhari devi
मंदिर में दर्शन करने वाले लोगों का कहना है कि यहां मां काली प्रतिदिन तीन रूप बदलती है। वह प्रात:काल कन्या, दोपहर में युवती व शाम को वृद्धा का रूप धारण करती हैं।

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dhari devi
हर साल चैत्र व शारदीय नवरात्र में हजारों श्रद्धालु अपनी मनौतियों के लिए मंदिर में आते हैं। इसके अलावा चारधाम यात्रा के दौरान भी हर रोज सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।

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उत्तराखंड के लोग इस पहाड़ों वाली मां को बहुत मानते हैं। लोगों का आरोप है कि उत्तराखंड सरकार ने उनकी एक नहीं सुनी और देवी माता के मंदिर को तोड़ दिया।
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केदारनाथ आपदा - फोटो : amar ujala
पहाड़ी बुजुर्गों के अनुसार उत्तराखंड में समय-समय पर आने वाली विपदा का कारण मंदिर को तोड़कर मूर्ति को हटाया जाना ही है। ये प्रत्यक्ष रूप से देवी का प्रकोप है। 2013 जून में केदारनाथ में आई आपदा के लिए भी धारी देवी को मंदिर को अपलिफ्ट करना भी एक कारण बताया जाता है।
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