प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' में देहरादून की जिस गायत्री पेगवाल का जिक्र किया था, वह खुद ही देहरादून की लाइफ लाइन कहलाने वाली रिस्पना नदी की सफाई में जुट गई है।
विज्ञापन
2 of 6
rispana river
- फोटो : amar ujala
सोमवार को गायत्री पेगवाल अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ रिस्पना नदी की सफाई में जुट गई। रविवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 'मन की बात' में गायत्री की समस्या का जिक्र करने के बाद देहरादून के मेयर विनोद चमोली ने इस मामले का संज्ञान लिया।
विज्ञापन
3 of 6
rispana river
विनोद चमोली ने गायत्री को फोन पर बधाई दी और सोमवार की सुबह क्षेत्र में कूड़ा गाड़ी भेजने का आश्वासन दिया था, लेकिन दोपहर 12 बजे तक कोई कूड़ा गाड़ी नहीं पहुंची।
4 of 6
rispana river
इसके बाद गायत्री ने अपने परिवार और आसपास के लोगों के साथ खुद ही सफाई अभियान शुरू कर दिया।
विज्ञापन
5 of 6
rispana river
राजधानी देहरादून की लाइफ लाइन कहलाने वाली रिस्पना नदी में फैली गंदगी और दुर्दशा से व्यथित 11वीं कक्षा की एक छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रिकॉर्डेड ऑडियो भेजा था। प्रधानमंत्री कार्यालय ने तत्काल उस ऑडियो पर रिस्पांस दिया। न केवल छात्रा को फोन कर जानकारी ली गई, बल्कि रविवार को पीएम मोदी ने अपनी साप्ताहिक मन की बात में इसका जिक्र भी किया था।
जीजीआईसी अजबपुर में 11वीं कक्षा की आर्ट संकाय की छात्रा गायत्री पेगवाल दीपनगर में रिस्पना नदी से लगे इलाके में रहती है। मूलत: सहारनपुर निवासी गायत्री का परिवार करीब 32 वर्षों से दून में रह रहा है। जबकि पिछले 10 वर्षों से वह दीपनगर क्षेत्र में रह रहे हैं। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में गायत्री और नदियों की सफाई के मुद्दे के बारे में चर्चा की तो एकाएक वह सुर्खियों में आ गए।