फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैरतंगेज करतबों के साथ खत्म हुआ गढ़वाल राइफल्स का गोल्डन जुबली समारोह

Mon, 10 Apr 2017 08:35 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
1 of 5
garhwal rifiles celebration - फोटो : amarujala
देहरादून में गढ़वाल राइफल्स के गोल्डन जुबली समारोह का दूसरा दिन जवानों की यादों के नाम रहा। पूर्व अधिकारियों और सैनिकों ने अपनी यादें साझा की। इस दौरान सेना के स्नीफर डॉग्स के करतब देखकर हर कोई हैरन रह गया। 
 
विज्ञापन

2 of 5
garhwal rifiles celebration - फोटो : amarujala
रविवार को गढ़वाल राइफल्स के गोल्डन जुबली समारोह में सबसे पहले रेजीमेंट के जवानों ने अपने करतब दिखाए। उन्होंने जिमभनास्टिक का शानदार प्रदर्शन किया। आग के गोले के बीच से कूदे तो हर किसी ने दांतों तले अंगुली दबा ली। जवानों ने कई और शानदार करतब दिखाकर अपनी फिटनेस और चुस्ती का परिचय दिया। हवा में सैल्यूट मारना खासा आकर्षण का केंद्र और चौंकाने वाला रहा।
 
विज्ञापन

3 of 5
garhwal rifiles celebration - फोटो : amarujala
इसके अलावा डॉग शो का आयोजन किया गया। शो में कुत्तों ने संकरी सीढ़ियां चढ़कर, मुंह में फूलों का गुलदस्ता लेकर और बर्मा ब्रिज पार कर अपनी बहादुरी, होशियारी का परिचय दिया। लोटस फॉर्मेशन और बम खोजना सहित तमाम गतिविधियों से लोग उत्साहित दिखे। इस मौके पर गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ रेजीमेंट जन. शरथ चंद्र के अलावा अधिकारी, जवान और रिटायर्ड अधिकारी मौजूद रहे।

4 of 5
garhwal rifiles celebration - फोटो : amarujala
रिटायर्ड फौजियों से जुड़े रहने और उनकी समस्या के समाधान के लिए शुरू किए गए गढ़वाल राइफल के प्रोजेक्ट सतत मिलाप को उप थलसेनाध्यक्ष जनरल शरथ चंद्र ने भी सराहा है। उन्होंने इस प्रोजेक्ट को पसंद करते हुए सभी कमांड को इस बाबत पत्र भेजा है। गढ़वाल राइफल्स के कर्नल ऑफ रेजीमेंट जन. शरथ चंद्र ने बताया कि पांच साल पहले रेजीमेंट में प्रोजेक्ट सतत मिलाप शुरू किया गया था। इसके तहत बटालियन की सतत मिलाप टीम सीधे रिटायर्ड फौजियों(वेटरन) के पास जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
garhwal rifiles celebration - फोटो : amarujala
उनकी पेंशन और दूसरी समस्याओं को सुनकर निदान करती है। पांच साल में गढ़वाल राइफल्स ने इस प्रोजेक्ट से वेटरन को करीब 4.50 करोड़ रुपये का लाभ पहुंचाया है। जनरल शरथ चंद्र ने बताया कि इसकी सफलता को देखते हुए उन्होंने राजस्थान में आर्मी कमांडर रहने के दौरान सतत मिलाप शुरू किया था। सेंट्रल कमांड से आई अधिकारियों की टीम को गढ़वाल राइफल्स का यह प्रोजेक्ट बेहद पसंद आया है। लिहाजा, उन्होंने सभी कमांड को इसे लागू करने का पत्र भेज दिया है। आने वाले दिनों में देशभर की सेना में रिटायर्ड फौजियों की समस्याएं सुलझेंगी। 
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें