चंद्रबनी मंदिर में मां गंगा की पूजा करते पुजारी
- फोटो : अमर उजाला
मंदिर के महंत हेमराज महाराज ने बताया कि मां गंगा को प्रसन्न करने के लिए गौतम ऋषि ने पत्नी अहिल्या व पुत्री अंजनी के साथ 12 वर्ष तक तप किया था। जिसके बाद मां गंगा प्रसन्न होकर गौतम कुंड, चंद्रबनी में प्रकट हुई थी। तब से इस स्थान को गौतम कुंड के नाम से जाना जाता है।