स्वतंत्रता संग्राम सेनानी 85 वर्षीय भीम सेन भाटिया का बृहस्पतिवार शाम निधन हो गया। दिल्ली स्थित अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
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शुक्रवार को लक्खीबाग श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। भीम सेन भाटिया दून बार एसोसिएशन में अधिवक्ता भी थे।
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शनिवार को उनके अंतिम संस्कार के दौरान विधायक कैंट हरबंश कपूर भी पहुंचे। दून प्रीतम रोड निवासी भीम सेन भाटिया ने स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाई थी।
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1942 भारत छोड़ो आंदोलन में उन्हें 15 कोड़ों की सजा हुई थी। उनके बड़े पुत्र अधिवक्ता रवि सेन भाटिया के मुताबिक 60 साल से अधिक समय तक उन्होंने वकालत की।
छोटे पुत्र अतुल सेन भाटिया अमेरिका में कंप्यूटर इंजीनियर हैं। दून बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि भीम सेन भाटिया बार एसोसिएशन में सबसे वरिष्ठ अधिवक्ताओं में से एक रहे हैं। विभिन्न मंचों पर उन्हें सम्मानित किया जाता रहा है।