भारत के इस शहर के कुंवारे लड़के विदेशी बालाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। इस शहर में विदेशी लड़कियां घूमने के लिए आती है और यहीं की बनकर रह जाती हैं।
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त्रिवेणी घाट
- फोटो : amar ujala
योगनगरी ऋषिकेश उत्तराखंड का हराभरा इलाका है। जहां रोजाना देशी-विदेशी पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। ऋषिकेश राफ्टिंग और कैंपिंग के लिए प्रसिद्घ है। और यहां आने वाले पर्यटकों में विदेशियों की संख्या ज्यादा है।
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yoga
यहां विदेशी लड़कियां घूमने आ रही हैं और अपना जीवन साथी को तलाश रही हैं। इसके पीछे जो वजह सामने आ रही है वो है कि भारत में स्टेबल मैरिज की परंपरा है। ये विदेशी बहुएं स्थानीय परंपरा को भी अपना रही हैं। वो साड़ी पहनती हैं, भारतीय खाना बनाना सीख रही हैं।
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marriage
लिसेट वालेविज्न साल 2008 में अपनी मां के साथ राफ्टिंग ट्रिप के लिए ऋषिकेश आई थीं और उन्होंने राफ्टिंग इंस्ट्रक्टर मुकेश जोशी से शादी करने का फैसला कर लिया। उनका कहना है कि उन्होंने उससे (मुकेश से) खुद को जुड़ा हुआ महसूस किया।
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रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण दिया
- फोटो : अमर उजाला
ऐसी कई लड़कियां हैं जो राफ्टिंग ट्रिप या योगा के लिए ऋषिकेश आईं और उन्होंने वहां के लड़कों को जीवन साथी बना लिया। टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच साल में करीब 50 जोड़े शादी के बंधन में बंध चुके हैं।
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Demo Pic
- फोटो : google
लिसेट कहती हैं कि ‘मैं जानती हूं मेरे पति का प्यार मेरे लिए बहुत गहरा है और वो मेरे प्यार को कम नहीं होने देंगे। न ही किसी और को मेरी जगह लेने देंगे, क्योंकि यहां के नेचर में ऐसा है ही नहीं और न ही ये भारतीय संस्कृति में आम है।’
इंग्लैंड के यॉर्कशायर से आकर एमिली स्वेल्स ने प्रमोद रावत से शादी कर ली। प्रमोद राफ्टिंग कैंप ऑपरेटर हैं। उनकी शादी इसी साल फरवरी में हुई है। शुरुआत में प्रमोद के मां-बाप इस शादी के होने से नाखुश थे। बाद में राज़ी हो गए और अब सब विदेशी बहू से खुश हैं।