12 वीं पास छात्र ने बिना किसी कोर्स या ट्रेनिंग के एक ऐसी मशीन बना दी, जिसे देखकर बड़े-बड़े इंजीनियर भी दांतो तले उंगली दबा लेंगे।
विज्ञापन
2 of 6
machine
भटवाड़ी तहसील के हीना निवासी रजनीश देव मखलोगा ने किसानों के लिए थ्रेशर मशीन बनाई है। मात्र 12वीं कक्षा तक पढ़े रजनीश ने बिना किसी तकनीकी दीक्षा के ही यह मशीन तैयार की है। उनका दावा है कि इस मशीन की मदद से धान की मंडाई करना आसान हो गया है। रजनीश पुत्र विक्रम मखलोगा ने बुधवार को पत्रकारों को बताया कि कृषि परिवेश से जुड़े होने के कारण वह धान की मंडाई में आने वाली कठिनाइयों को अच्छी तरह समझते थे।
विज्ञापन
3 of 6
machine
उन्होंने मंडाई को आसान करने के बारे में मंथन किया। ऐसी मशीन को बनाने के बारे में सोचा, जिससे यह कार्य सुगमता से हो सके। अक्तूबर 2016 में थ्रेशर मशीन का डिजाइन तैयार करने के बाद उन्होंने ज्ञानसू निवासी दीपक राजकोटी के सहयोग से जुलाई 2017 में मशीन तैयार की।
4 of 6
money
- फोटो : money
उन्होंने बताया कि मशीन को बनाने में उनका करीब 18 से 20 हजार रुपये का खर्चा आया है। जो किसानों को महज 28 हजार रुपये में मिलेगी। उन्होंने बताया कि वे अब तक नेताला और गणेशपुर क्षेत्र में छह लोगों को यह मशीन बेच चुके हैं।
विज्ञापन
5 of 6
petrol
6.50 हर्टस इंजन वाली यह मशीन एक लीटर पेट्रोल से करीब तीन घंटे लगातार चल सकती है। मशीन का वजन 35 से 40 किलो होने की वजह से दो लोग आसानी से इसे कहीं भी ले जा सकते हैं। मशीन का प्रयोग कर रही अंबेश्वरी पुरी, बिंद्रा रावत ने बताया कि मशीन की मदद से उनके 12 घंटों का काम केवल एक घंटे में पूरा हो जाता है।
वहीं गंगोत्री धाम घूमने आए जर्मनी निवासी विंगो लॉरेंज ने कहा कि विदेश में इस तरह की मशीन को बनाने के लिए कई विशेषज्ञों का दिमाग लगता है, लेकिन भारत के सीमांत गांव के इस व्यक्ति ने यह मशीन तैयार कर नई मिसाल पेश की है।