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सावधान! डेंगू से बचने को ये तरीका खड़ी कर रहा है डेंगू मच्छरों की फौज

Wed, 14 Sep 2016 08:08 AM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
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देहरादून नगर निगम की टीम लगातार फॉगिंग कर रही है, लेकिन डेंगू उतनी ही तेजी से शहर में फैलता जा रहा है। तमाम कोशिशों के बावजूद डेंगू की मार कम नहीं हो रही है। डीएवी पीजी कॉलेज के जूलॉजी विभाग में तीन साल से चल रहे डेंगू के शोध में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है।
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शोध के मुताबिक हल्की फॉगिंग ने डेंगू मच्छर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा दी है। अब इस पर काबू पाने के लिए फॉगिंग बढ़ाने की जरूरत है। डीएवी पीजी कॉलेज के जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके जौहरी ने बताया कि डेंगू के मच्छर पर बेशक फॉगिंग का असर होता है। बीते एक साल में किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि गत वर्षों के मुकाबले अब डेंगू का मच्छर ज्यादा ताकतवर हो गया है।
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कारण हल्की फॉगिंग ने उसकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा दी है। इस वजह से फॉगिंग करने के बावजूद इस साल अब तक डेंगू पर काबू नहीं पाया जा सका है। उन्होंने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से डेंगू मच्छर की सैंपलिंग की तो उसके ताकतवर होने का अंदाजा हुआ। डॉ. जौहरी ने बताया कि अब फॉगिंग करने वालों को और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है। जहां आज फॉगिंग की होगी, वहां दो दिन बाद फॉगिंग रिपीट करनी जरूरी हो गई है। अन्यथा, मच्छर नहीं मरेगा।

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डीएवी कालेज के जूलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके जौहरी, डीबीएस कालेज की प्रोफेसर डॉ. एन पामोला देवी और शोधार्थी ऋत्विक मोंडल की ओर से किए जा रहे शोध में यह बात भी सामने आई है कि दून के लिए दो मच्छर एडिस इजिप्टाई व एडिस एल्बोपिक्टस खतरनाक बने हुए हैं। तीसरा एडिस विटेटस भी कई जगहों पर प्रभावी है। इस मच्छर की 12 प्रजातियां होती हैं। यह शोध वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद(सीएसआईआर) के प्रोजेक्ट ‘सर्विलि एंस ऑफ एडिस मास्क्यूटो विद स्पेशल रेफरेंस टू इस्टैबिलिशमेंट ऑफ डेंगू इन डिस्ट्रिक्ट देहरादून’ के तहत किया जा रहा है।
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एक मच्छर घर के अंदर, 11 मच्छर बाहर मचा रहे आतंक
- एडिस इजिप्टाई - डेंगू का कारक - घर के भीतर
- एडिस एल्बोपिक्टस - डेंगू का कारक - घर के बाहर
- एडिस विटेटस  - डेंगू का संभावित कारक - घर के बाहर
- एडिस एल्बोलेटरेलस - खुजली व फंगस - घर के बाहर
- एडिस गिलई - खुजली व फंगस - घर के बाहर
- एडिस सियूडोटिनिएटस - खुजली - घर के बाहर
- एडिस सफोसस - खुजली व फंगस - घर के बाहर
- एडिस थॉमसोनी - खुजली व फंगस - घर के बाहर
- एडिस यूनिलिनिएटस - खुजली व फंगस - घर के बाहर
- एडिस वालवस - खुजली - घर के बाहर
- एडिस ओरियोस्टेटियस ग्रीनी - घर के बाहर
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डेंगू - फोटो : amar ujala
इस मच्छर को टाइगर मासक्यूटो कहा जाता है। इसके पेट पर धारियां होती हैं। इसका रंग बेहद काला होता है, जिससे इसकी धारियां चमकती हैं। यह मच्छर ज्यादा ऊंचाई पर नहीं उड़ पाता है। मच्छर हरी मिर्च के पेड़ के आसपास खूब पनपता है, लेकिन वहां पर गेंदा का पेड़ रख दिया जाए तो इससे यह डरकर दूर भागता है। डेंगू का मच्छर दिन में ही सक्रिय रहता है। शाम ढ़लते ही इसकी शक्ति खत्म हो जाती है। बचाव के लिए मुख्यतौर पर शरीर के अंगों को ढककर रखें। इसके अलावा क्रीम या कॉइल का प्रयोग भी कर सकते हैं।
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