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CM की सभा में आधे घंटे तक जमीन पर तड़पकर मरा बुजुर्ग, नहीं मिली मदद

Mon, 24 Oct 2016 10:03 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
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harish rawat - फोटो : dhan singh bisht
रुद्रपुर में सूबे के मुख्यमंत्री हरीश रावत की सभा में असंवेदनहीनता की हद तब पार हो गई जब रैली को दौरान एक बुजुर्ग की तड़प-तड़प कर मौत हो गई।

 
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हरीश रावत - फोटो : AmarUjala
तीस साल से निष्ठापूर्वक कांग्रेस की सेवा कर रहे बुजुर्ग कार्यकर्ता ने रविवार को ट्रांजिट कैंप के फुटबाल मैदान में आयोजित मुख्यमंत्री हरीश रावत की सभा में ही दम तोड़ दिया। सभास्थल पर संवेदनहीनता देखने को मिली। करीब आधे घंटे तड़पते रहे बुजुर्ग की सुध न ही मंच पर गरज रहे नेताओं ने ली और न ही सीएम की आवभगत में लगे प्रशासन ने।
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rally
सीएम की फ्लीट में एंबुलेंस तो थी, लेकिन उस बुजुर्ग को अस्पताल ले जाने के लिए नहीं मिली। बाद में पुलिस कांस्टेबल भुवन उन्हें टेंपो में अस्पताल ले जाने को तैयार हुए तो वहां खड़े ट्रांजिट कैंप निवासी वेदप्रकाश ने मानवता का परिचय दिया। दोनों उन्हें अस्पताल ले गए पर तब तक बहुत देर हो गई थी।

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गांव कुरैया किच्छा निवासी 62 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता जुम्मी पुत्र अली खां को जब कुछ दिन पहले सीएम हरीश रावत के रुद्रपुर में आने की सूचना मिली तो वह बेसब्री से सीएम को सुनने का इंतजार करने लगे। रविवार सुबह की नमाज पढ़ने के बाद वह अपने गांव के 16 अन्य कार्यकर्ताओं के साथ बस में सवार होकर रुद्रपुर को रवाना हुए।
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harish rawat - फोटो : amar ujala
सीएम के आने के बाद जुम्मी ने कुर्सी से खड़े होकर गर्मजोशी से सीएम का स्वागत किया और सभा को सुनने लगे। इसी दौरान करीब एक बजे जुम्मी को प्यास लगी तो पांडाल में ही अपने बायीं ओर लगे पानी के स्टाल पर चले गए। पानी पीने के बाद अचानक जुम्मी का स्वास्थ्य खराब हो गया और वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़े।
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harish rawat
आसपास के लोग कुछ समझ पाते इससे पहले ही जुम्मी को खून की उल्टी आनी शुरू हो गईं। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी तो एक दरोगा सिपाही के साथ वहां पहुंचा और फोन पर अपने अन्य साथियों को मामले की सूचना देने लगे, लेकिन किसी ने भी उनको उठाकर अस्पताल तक ले जाने की जहमत नहीं उठाई।
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harish rawat
इसका नतीजा यह हुआ कि करीब आधे घंटे तड़पने के बाद जुम्मी ने दम तोड़ दिया। टेंपो में डालकर जुम्मी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

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पोस्टमार्टम हाउस के बाहर जुम्मी का परिवार - फोटो : AmarUjala
सीएम की फ्लीट की एंबुलेंस को डिस्टर्ब नहीं किया जा सकता है। ऐसी घटना होने पर दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था की जाती है। जब मुझे बुजुर्ग के बारे में सूचना मिली तब उन्हें अस्पताल टैंपो से पहुंचाया जा चुका था। जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। 
-सेंथिल अबुदई, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर
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Jummi family - फोटो : AmarUjala
30 साल से कर रहे थे पार्टी की सेवा
किच्छा निवासी जुम्मी की मौत के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे उनके भाई और बेटों जरीब अहमद, शाबिर, आरिफ, सादिक और शाबिर ने बताया कि उनके पिता 30 सालों से कांग्रेस से जुड़े थे, लेकिन पार्टी ने कोई पद उन्हें नहीं दिया था। इसके बावजूद वह पार्टी के हर कार्यक्रम में भागीदारी करते थे। जुम्मी के बेटों ने बताया कि करीब दो साल पहले उनका स्वास्थ्य खराब हुआ जो दवा से ठीक हो गया था। फिलहाल वह स्वस्थ थे।
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